आईपीएस के आदेश पर एक साथ सडक़ पर उतरी 28 थानों की फोर्स, भारी विरोध के बीच ढहाए गए दर्जनों मकान, 18 गिरफ्तार

वाराणसी, १४ जनवरी ।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के मोहनसराय से लहरतारा तक हो रहे सडक़ चौड़ीकरण की जद में आए चांदपुर के दर्जनों पक्के निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। भारी विरोध हुआ पर पुलिस बल की मौजूदगी के कारण किसी की एक नहीं चली।सडक़ चौड़ीकरण में बाधा बन रहे मकानों व दुकानों को चिह्नित करने के साथ ही पूर्व में ही लाल निशान लगाया जा चुका था। शासन के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के जेई पवन त्रिपाठी, सुंदरम मिश्रा, हेमंत सिंह, एई जितेंद्र सिंह, मड़ौली चौकी प्रभारी राहुल सिंह, एसआइ अतुल सिंह समेत पुलिस फोर्स के साथ बुलडोजर लेकर पहुंचे और अतिक्रमण हटाने लगे।लोगों का आरोप था कि बेतरतीब तरीके से बुलडोजर के प्रहार से उनका पूरा का पूरा मकान हिल जा रहा है। भवन स्वामियों का कहना है कि बिना सूचना दिए अचानक से पक्के मकानों व दुकानों को ध्वस्त किया गया है।अतिक्रमण के खिलाफ जनपद में रविवार को दूसरे दिन 28 थानों की पुलिस एक साथ सडक़ पर उतरीं तो देर शाम तक कार्रवाई बड़े आकार में सामने आई। पुलिस ने 130 स्थानों से अतिक्रमण हटाने के साथ 74 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 18 को गिरफ्तार कर लिया।अभियान की जद में सडक़ों पर बेतरतीब वाहन खड़े 320 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 30 सीज किए गए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक सप्ताह में दो दिन अतिक्रमण विरोधी अभियान चलेगा।वहीं जिले में तहसील बार एसोसिएशन पिंडरा के तत्वावधान में आम सभा हुई। इसमें एसडीएम पिंडरा पूर्व हुए वार्ता के क्रम में कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोश जताते हुए सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकील की हुई बैठक में आक्रोश जताते हुए कहा कि पूर्व में बार और बेंच की बीच बैठक हुई थी। इसमें कई मुद्दों पर सुधारात्मक रवैया अपनाने का निर्णय लिया गया है लेकिन उसमें कोई प्रगति नही हुई।वकीलों ने एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा को दिए शिकायती पत्र में कहा कि यदि तहसील प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक निर्णय नही लिया जाता हम सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार आगे भी करने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में बार अध्यक्ष कृपाशंकर पटेल, महामंत्री सुधीर कुमार सिंह, कनिष्क उपाध्यक्ष छोटेलाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुवैद खा, शैलेंद्र सिंह, अमर सिंह, संतोष कुमार सिंह, आशुतोष कुमार सिंह, श्यामसुंदर पटेल, दिनेश यादव, दीपक सैनी आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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