
लखनऊ, 30 अक्टूबर।
रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के पीछे स्थित झील के सुंदरीकरण और पिकनिक स्पॉट को विकसित करने के लिए सरकारी विभाग ने टेंडर जारी किया। यह काम पूर्व मंत्री आजम खां के करीबी ठेकेदार को मिला, जिसने सरकारी काम करने के बजाय अधिकांश बजट जौहर विवि के निर्माण कार्य में खर्च कर दिया। नतीजतन सरकारी काम अधूरा पड़ा रहा और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे रहे। आजम के करीबी ठेकेदारों के ठिकानों पर मारे गये आयकर छापों में इस तरह की तमाम वित्तीय अनियमितताओं का पता चला है। अधिकारियों को शक है ठेकेदारों से आजम ने सरकारी काम दिलाने के एवज में वसूली की थी। जौहर विवि में विधायक एवं सांसद निधि के इस्तेमाल में बड़े पैमाने पर गड़बडिय़ां मिली हैं। सूत्रों की मानें तो निधि के काम कराने वाले छह ठेकेदार आयकर विभाग के निशाने पर आ चुके हैं। इन सभी को पूछताछ के लिए नोटिस देकर तलब किया जाएगा।
वहीं, जल निगम, पीडब्ल्यूडी और ग्राम्य विकास विभाग के जिन ठेकेदारों के ठिकानों पर छापा मारा गया है, वहां से मिले दस्तावेजों के आधार पर संबंधित विभागों के अधिकारियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। दरअसल छापों के दौरान जब उनसे निर्माण कार्य अधूरे होने और बैंक खातों से एकमुश्त लाखों रुपये नकद निकालने के बारे में पूछा गया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।