
विशाखापत्तनम, २८ अक्टूबर।
कतर में जिन आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाई गई है, उनमें से एक के स्वजन ने कहा है कि नौसेना के आठों पूर्व अधिकारियों को वापस लाने के लिए भारत सरकार को अपने प्रयास तेज करने चाहिए। आठों पूर्व नौसेना अधिकारियों में से एक कमांडर सुगुनाकर पकाला की पत्नी के भाई सी.कल्याण चक्रवर्ती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की कि वे उनकी रिहाई सुनिश्चित करें। विजाग प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में चक्रवर्ती ने कहा, ये सभी व्यक्ति 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं और वे आजीविका कमाने के लिए दोहा गए थे। वे जासूसी क्यों करेंगे और उन्हें क्या फायदा होगा। इसलिए मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह मेरे जीजाजी (पकाला) और अन्य लोगों को भारत लेकर आए। उन्होंने कहा कि वे पहले ही 14 महीने जेल में बिता चुके हैं, आखिर उन्हें वापस लाने में कितना वक्त लगेगा।
चक्रवर्ती के मुताबिक, कतर के अधिकारियों ने आठों लोगों को आधी रात में निराधार आरोपों के आधार पर उठाया था। उन्हें उनकी दोस्ताना बातचीत, फोन काल तथा भारत के सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत पर संदेह था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत और कतर के दुश्मन देश इस सबके पीछे हैं। चक्रवती ने कहा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कहते हैं कि न तो मंत्रालय को इन लोगों के विरुद्ध किसी आरोप की जानकारी दी गई और न ही कतर ने उनकी कथित जासूसी का कोई सुबूत पेश किया।
ये खबरें कि नौसेना के आठों पूर्व अधिकारी इजरायल के लिए जासूसी कर रहे थे, पूरी तरह से झूठी और निराधार हैं। उन्होंने सवाल किया कि पूर्व अधिकारियों के परिवारों को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है और मामला आगे किस दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने भारत से त्वरित और कठोर कदम उठाने की मांग की। चक्रवर्ती ने याद दिलाया कि जयशंकर ने आठ दिसंबर, 2022 को संसद में कहा था कि आठों लोगों को वापस लाया जाएगा।



















