
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में पांच दिन पहले गठित हुई नई सरकार के लिए आतंकी सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभर रहे हैं। तीन दिनों में दो बार आतंकियों ने गैर स्थानीय श्रमिकों पर हमले कर दिए हैं। रविवार देर रात गांदरबल में सुरंग के निर्माण कार्य में लगी कंपनी के अधिकारियों और श्रमिकों पर हमला आतंकियों के नए षड्यंत्र का हिस्सा है। वे एक तरह से नई सरकार के सामने चुनौती पेश कर रहे हैं।
- हमले से कुछ घंटे पहले ही श्रीनगर के पोलो मैदान से पहली अंतरराष्ट्रीय मैराथन में 12 देशों के धावक भाग लेने आए थे। इस आयोजन से कश्मीर में शांति और खुशहाली का संदेश गया। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद सरकार ने आतंकवाद और अलगाववाद पर करार प्रहार किया है। यही कारण है कि कश्मीर के हालात तेजी के साथ बदले और अलगाववादियों की दुकानें पूरी तरह से बंद हो गईं।





















