आधा दर्जन नर्सिंग होम संचालकों ने अब तक नहीं कराया रिन्यूवल

जांजगीर चंापा। जिले के आधा दर्जन से अधिक नर्सिंग होम बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं। दरअसल, इन नर्सिंग होम संचालकों ने समय रहते अपना लाइसेंस रिन्यूवल नहीं कराया है। ऐसे में इन नर्सिंग होम को अवैध की श्रेणी में रख दिया है। हालांकि नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अफसरों द्वारा यह दलील दी जा रही है कि नर्सिंग होम संचालक अपना लाइसेंस का रिन्यूवल कराने कागजात जमा कर रहे हैं। कुछ कमियों की वजह से उनका लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हो पाया है। ऐसे में जिले के आधा दर्जन नर्सिंग होम बिना लाइसेंस रिन्यूवल कराए संचालित कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में आधा दर्जन नर्सिंग होम बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा है। इन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में अपना आवेदन तो जरूर जमा किया है लेकिन कई तरह की खामियों की वजह से इनका लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हो पाया है। आपको बता दें कि जिले में 102 नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलैब, एक्सरे व सोनोग्राफी सेंटर संचालित हैं। जिसमे से आधा दर्जन नर्सिंग होम व क्लीनिक अवैध रूप से संचालित हो रहा है। क्योंकि इन्होंने अब तक अपना लाइसेंस रिन्यूवल नहीं कराया है। इन्होंने अपना आवेदन सीएमएचओ आफिस में जरूर जमा कराया है लेकिन कई तरह की खामियां पूरा नहीं होने से आवेदन लंबित है। नर्सिंग होम संचालन के लिए एक विशेषज्ञ डॉक्टर का होना जरूरी है। जो नर्सिंग होम के 36 कंडिका को पूरा कराने समर्थ हो, लेकिन सीएमचओ कार्यालय में इसका काम एक क्लर्क के जिम्मे है। नोडल अफसर केवल फाइल में दस्तखत करता है। इस संबंध में संबंधित शाखा के क्लर्क का यह जवाब है कि जिनका लाइसेंस रिन्यूवल नहीं हुआ है उनका एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा हो रहा है। सारे आवेदनों को इक_ाकर बल्क में जांच पड़ताल की जाती है और फार्म की जांच कर एकमुस्त कलेक्टर से अप्रूवल कराकर लाइसेंस रिन्यूवल किया जाता है। नर्सिंग होम के रिन्यूवल के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा हो रहे हैं। इनकी जांच पड़ताल कर बहुत जल्द लाइसेंस जारी किया जाएगा। – डॉ. स्वाती वंदना सिसोदिया, सीएमएचओ

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