
इस्लामाबाद, ०२ दिसम्बर। पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को सरकार से मंजूरी मिलने के बाद रावलपिंडी की अदियाला जेल में शनिवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ गोपनीय दस्तावेज मामले में खुली सुनवाई करने का फैसला किया। न्यायाधीश अबुल हसनत ज़ुल्करनैन ने शुक्रवार को संघीय न्यायिक परिसर भवन में इमरान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी के खिलाफ सुनवाई की अध्यक्षता की, क्योंकि सरकार द्वारा जेल मुकदमे की औपचारिक अनुमति कोर्ट तक नहीं पहुंची थी। पाकिस्तान की एक जवाबदेही अदालत ने शुक्रवार को जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान, उनकी पत्नी समेत आठ संदिग्धों के खिलाफ अल-कादिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के उप अभियोजक जनरल मुजफ्फर अब्बासी और जांच अधिकारी उमर नदीम ने इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत में मामला दायर किया।जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान, उनकी पत्नी बुशरा बीबी, उनकी दोस्त फरहत शहजादी उर्फ फराह गोगी, पीटीआइ नेता जुल्फी बुखारी, शहजाद अकबर व बैरिस्टर जिया-उल-मुस्तफा नसीम शामिल हैं। यह मामला तब सामने आया है जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी प्रमुख इमरान को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अल-कादिर ट्रस्ट मामला 19 करोड पाउंड के सेटलमेंट का है, जो ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी ने एक पाकिस्तानी प्रापर्टी कारोबारी से रकम वसूलने के बाद पाकिस्तान भेजा था।


























