
बलरामपुर। उत्तरी छत्तीसगढ़ में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच इस सीजन में पहली बार संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे आया है। उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवा से सरगुजा संभाग में पिछले एक हफ्ते से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज किया जा रही है। सप्ताह भर के भीतर अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान में चार डिग्री की तगड़ी गिरावट हुई है। रविवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आने वाले एक-दो दिनों में मौसम में फिर बदलाव की संभावना विज्ञानियों ने जताई है। एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है जो उतरी छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित करेगा। इससे आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाएंगे और कहीं की हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस दौरान तापमान में एक बार फिर से उतार-चढ़ाव हो सकता है। इस साल मौसमी परिवर्तन के कारण कड़ाके की ठंड नहीं पड़ी है। खास करके उत्त्तरी छत्तीसगढ़ में सरगुजिहा ठंड लोगों ने अब तक महसूस नहीं की। हालांकि नवंबर महीने के आखिरी दिनों में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट हो रही थी लेकिन फिर भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ था। इस बीच रविवार को तापमान 10 डिग्री से नीचे गिरा। मौसम विज्ञानियों ने पहले ही संभावना जताई थी कि तापमान में गिरावट धीरे-धीरे दर्ज की जाएगी। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार मौसम साफ होने और उत्तर पश्चिम उत्तर दिशा से ठंडी शुष्क हवा आने के कारण तापमान में गिरावट हो रही है। उन्होंने बताया कि अगले 24 से 48 घंटे के दौरान एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिसका असर सरगुजा संभाग में भी पड़ेगा। इस दौरान आसमान में बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। दिसंबर के पहले सप्ताह में मौसम सामान्य होने के बाद कड़ाके की ठंड फिर पड़ेगी और तापमान में गिरावट हो सकती है। इधर सरगुजा और बलरामपुर जिले के पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है वहां भी तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है। छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट और बलरामपुर जिले के सामरी पाट इलाके में भी ठंड के तीखे तेवर है। लोगों को ठंड से राहत पाने अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।




















