एक पखवाड़े में तैयार हो गए तालाब, कारनामा सुर्खियों में

कामकाज रोकने के लिए होगा आंदोलन
कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का स्तर और गुणवत्ता लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। खबर है कि विभिन्न परिक्षेत्रों में एक पखवाड़े में ही तालाब तैयार कर लिए गए। जिस तरीके से इसे किया गया उस पर सवाल खड़े हुए हैं। भाजपा से जुड़े लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं उसके द्वारा जल्द ह कार्यस्थल पर जाकर काम रोको आंदोलन के अंतर्गत काम रोका जाएगा। जिसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई है।
जनपद सदस्य और प्रदेश कार्यसमिति भाजपा के सदस्य लीलारपुरी गोस्वामी ने बताया कि डीएफओ निशांत पुराने लंबित भुगतान के मामले में सुस्त हैं लेकिन अपने समय के निर्माण कार्यों में बड़े चुस्त नजर आ रहे हैं तभी तो पीडी मद से प्राय: सभी रेंजो में कई तालाब मशीन से खोदकर महज 15 दिनों में बना दिए , ना मजदूर लगे ना रोलर का उपयोग किया गया और ना ही पानी टैंकर लगाया गया फिर भी काम अच्छा और करोड़ों का प्रमाणक पास हो गया। ऐसे तालाब के मेढ जिस पर रोलर नही चलाया गया है जबकि एसओआर के नामकरण में प्रत्येक एक फिट के परत में कम से कम आधा टन वजन का रोलर चलाने का नियम दिया गया है ,तकनीकी विशेषज्ञ बताते हैं कि बिना रोलर चले मिट्टी का बांध बरसात की पहली बारिश में ही धाराशायी हो जाता है।बहरहाल बताया जा रहा है कि अभी चल रहे कार्यों को चुनावी चंदा वसूलने के उद्देश्य से कराया जा रहा है जिस पर उच्चाधिकारियों से भी छूट मिली होने की खबर है जिसका एक ताजा उदाहरण कसनिया डिपो के लिए बनाई गई सीसी रोड के लिए नान टेक्निकल परियोजना प्रतिवेदन है जहां 633 मीटर लंबी सडक़ के लिए 42 लाख रुपए का मार्जिन रखते हुए 60.25 लाख रु का प्रोजेक्ट बनवाया गया।

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