
चाम्पा । आल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन ने एक नई मुहिम शुरू की है, इस मुहिम के जरिए वे अभिभावकों से ये आग्रह कर रहे हैं कि भले ही । रोटी कम खाएं लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं। फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के विभिन्न मस्जिदों के बाहर जुम्मे की नमाज के बाद कलम का लंगर लगाया जा रहा है। इस लंगर में बच्चों और युवाओं को भी कलम एवं किताब का भेंट किया जा रहा है। ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा पाने के लिए जरूरत की चीजों से वंचित न रहे। शुक्रवार को आल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा चांपा की जामा मस्जिद के बाहर कलम का लंगर लगाया । फाउंडेशन के बिलासपुर संभाग सचिव अब्दुल रहीम ने बताया कि शिक्षा हासिल करना जरूरी है। हजरत मोहम्मद साहब ने कहा है यदि शिक्षा हासिल करने चीन भी जाना पड़े तो जाओ। हमने चांपा में ये कलम का लंगर लगाया है। आने वाले जुम्मे को अन्य मस्जिदों में भी इसी तरह का लंगर हमारे द्वारा लगाया जाएगा। सभी को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन के बिलासपुर संभाग प्रभारी मोहम्मद जुबेर ने कहा कि यह एक मजबूत होगी तो उनका निर्णय भी बेहतर होगा। फाऊंडेशन के बिलासपुर संभाग अध्यक्ष अतहर हुसैन ने कहा कि जिस विश्वास से हम लंगर खिलाते हैं उसी विश्वास से हमें बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा देना भी जरूरी है। अब्दुल रहीम ने यह भी कहा कि फाउंडेशन का ये लंगर किसी एक धर्म विशेष के लिए नहीं है बल्कि पूरी मानव जाति के लिए है। आल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन का ये संदेश सभी धर्म जाति के लिए है। आज कलम व किताब का तोहफा पाकर बच्चे खुश हुए तो वहीं बुजुर्गों ने भी इस मुहिम की सराहना की। कलम के इस लंगर में फाउंडेशन की तरफ से हाजी सैफुद्दीन खान, अब्दुल सुब्हान खान, अख्तर सौदागर, शाहिद क्रादरी, सरफराज़ मेमन, अब्दुल क्क्रादिर, आसिफ़ सोहेल खान, मोहम्मद फारूक खान, शादाब मिर्जा, समीर मेमन, जमशेद कुरैशी, मिर्जा साजिद बेग और अन्य लोग उपस्थित थे।


























