
कोरबा । छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के दर्री-पश्चिम में स्थित एचटीपीपी संयंत्र की इकाइयों में व्यवधान का क्रम लगातार बना हुआ है। संयंत्र की इकाई क्रमांक एक ट्रिप हो गई। एक इकाई से विद्युत उत्पादन बाधित रहने के कारण संयंत्र के उत्पादन में गिरावट आई है। हालांकि मौसम में नरमी के कारण बिजली की मांग में भी कमी है।
जानकारी के अनुसार एचटीपीपी संयंत्र में एक ओर कोयला की कमी बनी हुई है तो दूसरी ओर इकाइयों में ट्रिपिंग का सिलसिला भी लगातार बना हुआ है। संयंत्र में 210 गुणा 4 व 500 मेगावाट की एक इकाई से कुल 1340 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। 210 मेगावाट की इकाई क्रमांक एक से उत्पादन बंद रहा। जिसके कारण संयंत्र से लगभग 840 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। पिक लोड अवर में बिजली की डिमांड लगभग 4500 मेगावाट बनी रही।
राज्य उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से लगभग 2100 मेगावाट बिजली बन रही थी। जिसमें मड़वा से 847, डीएसपीएम से 365 व बांगो से 40 मेगावाट बीजले का उत्पादन हो रहा था। सेंट्रल सेक्टर से लगभग 2300 मेगावाट बिजली ड्राल की जा रही थी। मांग कम रहने के कारण अंडर ड्राल की स्थिति रही। गर्मी बढऩे के दौरान बिजली की डिमांड 5000 मेगावाट के पार पहुंच रही थी, लेकिन मौसम में नरमी के कारण इसमें लगभग 500 मेगावाट की गिरावट 24 घंटे के भीतर दर्ज की गई। गर्मी बढऩे पर पुन: मांग में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही हैं।


















