
भारी भरकम वेतन के बाद भी सुविधा नहीं
कोरबा। कोल इंडिया की मुनाफे वाली कंपनी एसईसीएल के गेवरा स्थित एनसीएच में भारी भरकम वेतन पर रखे गए कई सर्जरी स्पेशिलिस्ट चाहकर भी अपना मूल काम नहीं कर पा रहे हैं। अस्पताल में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद उन्हें औपचारिकता पूरी करनी पड़ रही है। तर्क दिया जा रहा है कि यहां पर कंपनी के द्वारा एनेस्थिसियोलॉजिस्ट की पूर्ति नहीं की गई है, ऐसे में ऑपरेशन कैसे होगा।
एसईसीएल नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में निश्चेतक डॉक्टर नहीं होने के मुद्दे को आईआर बैठक में जोर-शोर से उठाया गया। मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित बैठक में एसईकेएमसी के पदाधिकारियों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि गेवरा चिकित्सालय में सर्जन की कमी थी। काफी प्रयास के बाद सर्जन तो आ गए हैं लेकिन निश्चेतक डॉक्टर नहीं हैं। ऑपरेशन से पहले मरीजों को बेहोश करना पड़ता है। गेवरा के गोपाल यादव, विकास शुक्ला व डी.के.मिश्रा ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि गेवरा चिकित्सालय में निश्चेतक डॉक्टर तत्काल भेजा जाए, क्योंकि यह अस्पताल काफी बड़ा है। यहां पर गेवरा व दीपका के अलावा कुसमुंडा के मरीज भी इलाज के लिए आते हैं। कई बार यहां मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। आने वाले दिनों में और भी कई बड़े डॉक्टरों को बुलाया जा रहा है।
नही होता दर्द का अनुभव
एनेस्थीसिया या निश्चेतना चिकित्सा विज्ञान का वह महत्वपूर्ण शाखा है जिसमें किसी भी प्रकार के सर्जरी या ऑपरेशन में मरीज को दर्द के अनुभव के बिना ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज होश में रहकर ऑपरेशन देख भी सकता है, पर उसे दर्द या कष्ट का अनुभव नहीं होता है।
























