
ईरान के हमलों पर पाकिस्तान का पलटवार
इस्लामाबाद, १8 जनवरी । मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान वायु सेना ने गुरुवार को ईरान के अंदर कथित बलूच अलगाववादी शिविरों पर जवाबी हवाई हमले किए। रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान वायु सेना के जवाबी हमलों में पाकिस्तान द्वारा वांछित बलूच आतंकवादियों के ईरानी क्षेत्र के अंदर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 7 को ढेर कर दिया। यह कदम तेहरान के यह कहने के एक दिन बाद आया है कि उसने पाकिस्तान में जैश अल-अदल (न्याय की सेना) के दो महत्वपूर्ण मुख्यालयों को नष्ट करने के लिए सटीक मिसाइल और ड्रोन हमलों का इस्तेमाल किया। इसके बाद इस्लामाबाद ने पाकिस्तान की संप्रभुता के उल्लंघन को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और गंभीर परिणामों की चेतावनी दी। पाकिस्तान के एक स्थानीय दैनिक के संपादक और न्यूयॉर्क टाइम्स के पाकिस्तानी संवाददाता सलमान मसूद ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, पाकिस्तान वायु सेना ने ईरान के अंदर बलूच अलगाववादी शिविरों पर हवाई हमले किए हैं। यह कदम ईरान द्वारा निशाना बनाने के दावे के एक दिन बाद आया है। आतंकवादी पाकिस्तानी क्षेत्र के अंदर हैं, नागरिक हताहतों का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। इस बीच, एक अन्य पाकिस्तानी स्थानीय दैनिक ने भी आज खबर दी कि पाकिस्तान द्वारा वांछित बलूच आतंकवादियों के ठिकानों को ईरान में निशाना बनाया गया है। बुधवार को पाकिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मो. जलील अब्बास जिलानी ने अपने ईरानी समकक्ष होसैन अमीर अब्दुल्लाहियन के साथ एक फोन कॉल में रेखांकित किया कि 16 जनवरी को ईरान द्वारा पाकिस्तानी क्षेत्र के अंदर किया गया हमला न केवल पाकिस्तान की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन था, बल्कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और पाकिस्तान और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों की भावना का भी घोर उल्लंघन था। हमले की पाकिस्तान की ओर से बिना शर्त निंदा व्यक्त करते हुए जिलानी ने कहा कि इस घटना से पाकिस्तान और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर नुकसान हुआ है। इस बीच, पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवर उल-हक काकर ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के मौके पर ईरान के विदेश मंत्री, होसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन से मुलाकात की, लगभग उसी समय, ईरानी सरकार ने पाकिस्तान में ड्रोन और मिसाइल से जैश अल अदल आधार को निशाना बनाने की घोषणा की। अल अरबिया न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 2012 में गठित, जैश अल-अदल, जिसे ईरान द्वारा आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया गया है, एक सुन्नी आतंकवादी समूह है जो ईरान के दक्षिणपूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में काम करता है। पिछले कुछ वर्षों में जैश अल-अदल ने ईरानी सुरक्षा बलों पर कई हमले किए हैं। अल अरबिया न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में जैश अल-अदल ने सिस्तान-बलूचिस्तान में एक पुलिस स्टेशन पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कम से कम 11 पुलिस कर्मियों की जान चली गई थी। पाकिस्तान पर मंगलवार का हमला ईरान द्वारा सोमवार को उत्तरी इराक और सीरिया में मिसाइलें दागने के बाद हुआ है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इराक और सीरिया में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हमलों का बचाव करते हुए उन्हें सुरक्षा खतरों को रोकने के उद्देश्य से सटीक और लक्षित ऑपरेशन करार दिया।





















