
अमेठी, १० सितम्बर।
अमेठी तहसील में एंटी करप्शन टीम ने एसडीएम के पेशकार को न्यायालय में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत लेते पकड़े गए पेशकार को टीम मुंशीगंज थाने ले गई। जहां पर पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई की गई। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। संग्रामपुर के बबुरी ठेंगहा निवासी बुधिराम बनाम राम करन का एसडीएम न्यायालय में वाद चल रहा है। वादी के पक्ष में तारीख जल्दी-जल्दी लगाकर स्टे खारिज कराने के नाम पर पेशकार योगेंद्र श्रीवास्तव ने पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।सोमवार को तारीख के दौरान पीडि़त को न्यायालय पहुंचकर पेशकार को पांच हजार रुपये देने थे। रुपये देने से पहले वादी के भतीजे ने अयोध्या की एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। एंटी करप्शन टीम अयोध्या के प्रभारी राय साहब द्विवेदी के नेतृत्व में सोमवार दोपहर एक बजे एसडीएम न्यायालय पहुंची। जैसे ही पीडि़त ने पेशकार को रिश्वत में पांच हजार रुपये दिए। वैसे ही टीम ने पेशकार को दबोच लिया। एंटी करप्शन टीम आरोपी को मुंशीगंज थाने लेकर चली गई। अमेठी एसडीएम आशीष कुमार सिंह का कहना है कि जानकारी मिली है। पेशकार योगेश श्रीवास्तव को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है।पीडि़त राम करन के भतीजे रविकांत उर्फ संतोष ने बताया कि पड़ोसी कई वर्ष से परेशान कर रहे थे। तीन बार अलग-अलग जगहों पर स्टे खारिज हो चुका था। बिना मतलब परेशान किया जा रहा है। मकान के दूसरी मंजिल पर छत नहीं डाल पा रहे हैं। कोई अधिकारी मामले के निस्तारण करने के लिए तैयार नहीं था। पेशकार लगातार एसडीएम के नाम से रिश्वत की मांग करता था।

























