
कोरबा। मंजूरी नहीं मिलने से अटके काम और इधर बढ़ती जा रही लोगों की परेशानी नगर निगम क्षेत्र के नालों की चौड़ाई अतिक्रमण की वजह से घटती जा रही है। दूसरी ओर दादर खुर्द और खरमोरा मार्ग पर नाले के पुलों की ऊंचाई इस बार भी नहीं बढ़ी। पिछले साल दोनों पुलों की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया था, लेकिन मंजूरी ही नहीं मिली। बारिश में पानी भरने से फिर आवाजाही प्रभावित होगी। वार्डों की पुरानी नालियों की मरम्मत भी नहीं हो पाई है। टीपी नगर में सडक़ किनारे नाली का निर्माण का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। बारिश होने पर परेशानी बढ़ जाएगी।
शहर में पहले कहीं भी पानी भरने की समस्या नहीं होती थी। नालों के किनारे अतिक्रमण होने और मकान बनने की वजह से पानी भराव की समस्या सामने आती है। बारिश में नाला भी ऊफान पर रहता है। नगर निगम सभी वार्डों के नालों का निर्माण तो करा रहा है, लेकिन उसकी चौड़ाई कम होती जा रही है।
वार्ड क्रमांक 14 पंप हाउस में अतिक्रमण होने से नाला अब नाली बन चुका है। प्री-मानसून बारिश होने पर कई घरों में पानी घुस गया था, लेकिन इसका मुख्य कारण निर्माण का अधूरा होना बताया गया है। दूसरी ओर बस्ती के लोगों का कहना है कि लोगों ने नाला के आधे हिस्से में कब्जा कर मकान बना लिया है। उसे हटाए बिना ही निर्माण कराया गया है। सबसे अधिक समस्या खरमोरा और दादरखुर्द वार्ड के लोगों को बारिश के समय होती है। नाला के दोनों ओर अतिक्रमण होने की वजह से पुल पर पानी बहता रहता है। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस मार्ग से होकर लोग पीएम आवास, सब्जी मंडी भी जाते हैं। अभी भी इस क्षेत्र में अतिक्रमण हो रहा है। इसे रोकने वाला भी कोई नहीं है। खरमोरा में सडक़ और नाला बनाने 65 लाख की मंजूरी मिली थी। उसका काम भी अभी अधूरा है। ट्टनिगम के मेयर राजकिशोर प्रसाद का कहना है कि पुलों की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इस साल काम नहीं हो पाया। नाली और नाला का जो काम चल रहा है, उसे 30 जून तक पूरा करने कहा गया है, ताकि लोगों को परेशानी ना हो। पानी भराव कि समस्या ना हो, इसके लिए भी अधिकारियों को उपाय करने कहा गया है।
खरमोरा मार्ग पर भी नाला नहीं बना। इंडस्ट्रियल एरिया से खरमोरा मार्ग पर पानी भरने की समस्या हर साल होती है। इस मार्ग पर छोटा पुल है, जो दब गया है। नाला का निर्माण भी अब तक नहीं होने से गंदा पानी सडक़ के ऊपर बहता रहता है। आधा घंटा बारिश हो जाए तो आवागमन बंद हो जाता है। इससे राहगीरों को परेशानी होती है। रविशंकर शुक्ल नगर की ओर से दादरखुर्द मार्ग पर दादर नाला है। पुल की ऊंचाई कम होने से बारिश के समय ऊपर से पानी बहता है। यहां बाढ़ जैसे स्थिति हो जाती है। नाला के आसपास अतिक्रमण होने से नाला नाली बन गई है। यहां घरों में भी पानी घुसने की समस्या आ चुकी है। पोड़ीबहार से खरमोरा मार्ग पर बीच में घनी बस्ती बस गई है, लेकिन यहां नाला ही गायब हो गया है। इसकी वजह से पानी भरने की समस्या होती है। इसके अलावा नई खरमोरा बस्ती में भी नाली का निर्माण करना है। यही हाल इमलीडुग्गू और सीतामढ़ी क्षेत्र में भी है।














