
जांजगीर-चांपा। अविभाजित जांजगीर-चांपा जिले में नेट आरडीएसएस की योजना कछुए के चाल को भी मात दे रहा है। योजना के हीं तहत विद्युत केबल बिछाने से लेकर नया ट्रांसफार्मर भी लगाया जाना है। प्रोजेक्ट के तहत जिले में 110 करोड रूपए की धनराशि खर्च किया जाना है। योजना के तहत काम मंथर गति से चल रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं की – परेशानी कम नहीं हो पा रही है।
गौरतलब है कि अविभाजित जिले में बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने एवं उपभोक्ताओं को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए 110 करोड रूपए की धन राशि खर्च की जानी। आरडीएसएस योजना के तहत जांजगीर एवं सक्ती जिले में बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने केबल एवं ट्रांसफार्मर भी लगाया जाना है, लेकिन योजना के सुस्त रफ्तार के चलते इसका लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि बरसात एवं गर्मी के दिनों में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रो की बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। अचानक मौसम के खराब होने अथवा गर्मी के दिनो मे बिजली की खपत अधिक होने के कारण लो वोल्टेज एवम ट्रांसफार्मर खराब होने के चलते शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रो की बिजली व्यवस्था जवाब देने लग जाती है। इससे विद्युत अमले को भी सुधार कार्य के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
लगाएं जाना है 703 नए ट्रांसफार्मर
बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने को लेकर 703 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएगे। इनमें जांजगीर चाम्पा जिले में 323 एवं सक्ती जिले में 300 नए टूसिफार्मर लगाया जाना है. मंडल द्वारा जो लक्ष्य रखा गयाहै, उसमें बमुश्किल से अब तक 30 जाए ट्रांसफार्मर भी लग पाए है। योजना के तहत जांजगीर जिले में 55 लाख एव सक्ती जिले में 5 लाख रुपए की राशि खर्च की जानी है ताकि इसका लाम उपभोक्ताओ को मिल सके। वर्तमान में अविभाजित जिले की जनसंख्या 16 लाख से भी अधिक थी। वर्तमान में यह आंकडा दोनों जिलो को मिलाकर 20 लाख से भी अधिक हो सकता है। उसी को ध्यान में रखकर व्यवस्था बलाई जा रही है।
वहीं उपभोक्ता भी बिजली के अभाव में हलाकान होते है। इस परेशानी को दूर करने विद्युत मंडल ने एक प्रोजेक्ट तैयार किया है। प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करने के बाद इस पर काम भी शुरु हो गया है, लेकिन कार्य की सुस्त रफ्तार के चलते न तो केबल बिछाने का काम पूरा हो सका है और ना ही नए ट्रांसफार्मर लग पा रहे है। जांजगीर एंव सक्ती जिले को मिलाकर विद्युत के करीब 4 लाख से अधिक उपभोक्ता शामिल है। साथ हीहर साल बढ़ रही बिजली की खपत समय के साथ साथ बिजली की खपत बढ़ रही है। वहीं बिजली से चलने वाले उपकरणों की पहले की अपेक्षा मांग बढ़ी है। आए दिन नई कालोनियों के बसाहट के साथ हर साल ग्रामीण क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर मकान बन रहे है. जिसमें बिजली की जरुरत पड़ती है। इस हिसाब से साल दर साल नार बिजली उपभोक्ताओं की संख्या भी बढ़ रही है। लोगों की मानें तो जांजगीर एवं सक्ती जिले को मिलाकर हर साल 5 हजार वार विद्युत उपभोक्ता भी बढ़ रहे है। उठाए जाना है।
बेहतर बनाई जाएगी व्यवस्था
योजना के तहत आरडीएसएस का काम चल रहा है, जिसके अंतर्गत केबल लगाया जा रहा है। वहीं फसल कटने के बाद जरूरत के हिसाब से ट्रासफार्मर भी लगाए जाएगे।






















