
जांजगीर । कोसा, कांसा, कंचन व कागज की नगरी कहा जाने वाला चांपा शहर से अब कागज’ शब्द ने चांपा के लोगों को सांसत में डाल दिया है। क्योंकि यहां का चर्चित मध्य भारत पेपर्स लिमिटेड कंपनी का मालिक कंपनी बंद कर भूमिगत हो गया। इसके बाद यहां के व्यापारियों को जो करोड़ों रुपए बकाया है उसे पाने दर दर भटकने मजबूर हैं। अब इस समस्या को विधानसभा में उठाने विधायक ब्यास कश्यप से गुजारिश की गई है। आपको बता दें कि, वर्ष 1982 में चांपा से लगे बिरगहनी गांव में मध्य भारत पेपर्स लिमिटेड खुला। 40 साल का सफर तय करने के बाद कंपनी ने ऐसे पेपर्स बनाया कि यहां के पेपर्स की क्वालिटी देश के टॉप पेपर क्वालिटी में सुमार था। बावजूद कंपनी घाटे में चली गई। नुकसान होना शुरू हुआ तो धीरे-धीरे कंपनी मेन पावर कम करना शुरु कर दिया। फिर वर्ष 2019 में कंपनी ने अपना बोरिया बिस्तर बांधकर चलते बनी। इसकी भनक न तो यहां के कर्मचारियों को लगी और न ही श्रमिक नेताओं को। अलबत्ता अब कंपनी के एम्प्लाई पाई-पाई के मोहताज हैं। आए दिन धरना प्रदर्शन करते हैं फिर लौट जाते हैं। इनकी सुनने वाला कोई नहीं है। दरअसल, कंपनी का मालिक जयदीप चितलांगिया फैमिली कोलकाता का रहने वाला है। वह वहीं से कंपनी का संचालन करता था। कंपनी का मैनेजर एमके जाखड़ यहां का प्लांट का संचालन करता था। कंपनी में पैरे की सप्लाई का भुगतान कहें या फिर श्रमिकों की मजदूरी, ट्रांसपोर्टिंग, कर्मचारियों का वेतन सहित अन्य देनदारी तकरीबन 25 करोड़ रुपए का भुगतान कंपनी को करना है। जिसके चलते सभी वर्ग के लोग परेशान हैं। इतना ही नहीं कंपनी का मालिक जयदीप चितलांगिया ने दो वर्ष पूर्व कोलकाता के व्यापारी हाजी अनवर व उसके पुत्र मोहम्मद कामरान को बिक्री कर दिया है। इसके बाद खरीददार ने वादाखिलाफी करते हुए अब तक स्थानीय व्यापारियों व शासकीय विभागों यहां के कर्मचारी, गार्ड सप्लायरों का फूटी कौंड़ी का भुगतान नहीं किया है। जिसे लेकर चांपा सहित आसपास के लोगों ने प्लांट की जमीन को सौदा करते हुए बिक्री करने सौदा भी तय कर दिया है। जिस पर रोक लगाने की मांग की गई है। चांपा के टिंकू मेमन ने बताया कि पेपर के मिल के संचालक ने किसी को यहां की जमीन को बिक्री कर दिया है। इस बात की सूचना मिलने पर यहां के व्यवसायियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए काम को बंद करा दिया है। जबकि पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने यहां की जमीन की खरीदी बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगवा दी थी। इसके बाद भी गोपनीय रूप से खरीदी बिक्री की सूचना पाकर लोगों में रोष व्याप्त है। हाल ही में चांपा के टिंकू मेमन सहित अन्य व्यवसायियों ने जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने आग्रह किया है। एमबीपीएल चांपा के बंद होने के बाद दर्जनों लोग करोड़ों की लेनदारी के लिए भटक रहे हैं। इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। ताकि लोगों की समस्या दूर हो सके। ब्यास कश्यप, विधायक जांजगीर-चांपा






















