कला,संस्कृति के रंगों को ऊंचाई मिली संस्कार भारती के आयोजन में

नवमी सदी के मंदिर परिसर में भरत मुनि की मनाई जयंती
कोरबा। संस्कार भारती पाली कोरबा जिला द्वारा आचार्य भरतमुनि जयंती माघ पूर्णिमा के अवसर पर नवमी शताब्दी के प्राचीन शिव मन्दिर परिसर में शास्त्रीय संगीत और नृत्य के संपन्न कार्यक्रम में एक से बढ़ कर एक मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुतियां हुई। वरिष्ठ संगीतज्ञ और प्रख्यात वायलिन वादक अपने कीर्ति व्यास का वायलिन वादन सुंदर व सुमधुर हुआ। श्रोतागण की और से भी बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला। कार्यक्रम का प्रारंभ संत वृंद द्वारा आशीर्वचन से हुआ। पहली प्रस्तुति तबला तरंग डॉ कुणाल दास गुप्ता और उनके तीन शिष्यों द्वारा एक साथ 10 से अधिक तबला पर रचना व कुछ पंक्तियाँ वन्दे मातरम की प्रस्तुति अद्भुत की गई। पृथा शर्मा छोटी बालिका द्वारा एक बंदिश और तराना सुंदर प्रस्तुत किया। इशिता कश्यप द्वारा कथक पर शिव अर्चना की सुंदर प्रस्तुति हुई ।चौथी प्रस्तुति कीर्ति व्यास की वायलिन पर राग पीलू पर आधारित एक शास्त्रीय रचना मुरली बैरन भई कन्हैया तोरी सुंदर प्रस्तुत की कीर्ति व्यास की दूसरी प्रस्तुति ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन भजन राग पीलू पर आधारित प्रस्तुत किया श्रोतागण ने बहुत आनंद लिया ।अगली प्रस्तुति कथक पर शिव आराधना, लतिका थापा ने सुंदर प्रस्तुत किया ,बालिका दीप सिंह ने भरतनाट्यम पर सुंदर प्रस्तुति दी ।
वरिष्ठ कला साधक खिकराम कश्यप द्वारा शास्त्रीय गायन से कार्यक्रम का समापन हुआ कार्यक्रम का सुंदर संचालन भवानी गोपाल और महावीर चंद्रा ने किया सभी अतिथि गण तथा प्रस्तुति देने वाले कला साधकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया
कार्यक्रम में हेमंत माहुलीकर प्रांत महामंत्री, जागेश्वर मानसर प्रांत कोष प्रमुख, पाली इकाई के अध्यक्ष, महामंत्री, कोष प्रमुख, अनेक सदस्यगण, राकेश मिश्रा, सीमा देवांगन, अरुण दास वैष्णव उपस्थित थे। कार्यक्रम को सहयोग देने के लिए संस्कार भारती पाली की इकाई के द्वारा सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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