
अकलतरा । अतिक्रमण हटाने के नाम पर प्रशासन द्वारा केवल खानापूर्ति कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। प्रशासन की टीम द्वारा अतिक्रमण कर बनाए गए मकान को तोडऩे के बजाय केवल बाउंड्रीवाल को तोड़ा गया जबकि कोई भी व्यक्ति बेजाकब्जा में बने मकान को लेकर कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका।
ज्ञात हो कि अकलतरा क्षेत्र में बेजा कब्जाधारियों की कार्रवाई के अभाव में बाढ़ आ गई है। ग्राम पंचायत कल्याणपुर में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जाकर आलीशान मकान बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा तहसील कार्यालय अकलतरा, एसडीएम अकलतरा को बेजाकब्जा हटाने कई बार आवेदन देने के बाद बाद आखिरकार प्रशासन की टीम कार्रवाई करने पहुंची। शुक्रवार की सुबह 11 बजे एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस की टीम कल्याणपुर पहुंची। जहां शाम तक करीब दर्जन भर बेजाकब्जा पर बुलडोजर चलाया गया। इस दिन अधिकारी बोले थे कि आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। लेकिन एक दिन कार्रवाई की खानापूर्ति कर भूल गए। बेजाकब्जा में मकान बनाया गया हैं तो आखिर केवल बाउंड्रीवाल को ही तोड़ टीम बैरंग क्यों लौट गई। जबकि पूरा अतिक्रमण की शिकायत पर बाउंड्रीवाल को तोड़ा गया। मकान बेजाकब्जा में बना हुआ है। इससे ग्रामीणों पर भारी आक्रोश है। इसके अलावा जब प्रशासन की टीम बेजा कब्जाधारियों से मकान के संबंध में कागजात प्रस्तुत करने के लिए बोले तो कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे स्पष्ट है कि पूरा मकान बेजाकब्जा में बनाया गया है। बावजूद मकान को तोड़े बगैर वापस लौट गई। इससे ग्रामीणों को मवेशियों के चारागाह के लिए जमीन भी नहीं मिल रहा है। वे प्रशासन की अतिक्रमण को लेकर की गई खानापूर्ति से नाराज है।
बेजा कब्जाधारी जनप्रतिनिधि के पास लगा रहे गुहार बेजाकब्जा तोडऩे की जानकारी होने के बाद से ही बेजाकब्जा धारी सक्रिय हो गए है। इसके बाद अतिक्रमण नहीं तोडऩे के लिए जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लगा रहे है। साथ ही कई ऑलीशान मकान बनाने वाले बेजाकब्जाधारी अफसर से भी मिल रहे है। ताकी किसी प्रकार की आगे अतिक्रमण तोडऩे की कार्रवाई न हो।


























