
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में आतंकी घुसपैठ के मामले में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक शीर्ष आतंकी की छह अचल संपत्तियां कुर्क कर ली। आतंकवादी आसिफ अहमद मलिक की यह संपत्तियां (भूमि) पुलवामा के मीरपोरा में हैं। संपत्ति को एनआईए स्पेशल कोर्ट जम्मू के आदेश पर यूए (पी) अधिनियम, 1967 की धारा 33 (1) के तहत कुर्क किया गया है। आसिफ अहमद मलिक को 31 जनवरी, 2020 को हथियार, गोला बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने 27 जुलाई, 2020 को उसके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। वर्तमान में उस पर एनआईए की विशेष अदालत जम्मू में मुकदमा चला रहा है। यह मामला आतंकवादियों के परिवहन, सीमा पार से घुसपैठ और जैश के आतंकियों से हथियार, विस्फोटक आदि से जुड़ा है। एनआईए की जांच में आरोपियों की ओर से घुसपैठ किए गए आतंकवादियों को कश्मीर घाटी में ले जाने और सुरक्षा बलों पर हमले की तैयारी में सुरक्षित आश्रय प्रदान करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) 2000 में मौलाना मसूद अजहर द्वारा गठित एक आतंकवादी समूह है। इसका मुख्यालय बहावलपुर (पाकिस्तान) में है। अपनी स्थापना के बाद से जेईएम ने जम्मू-कश्मीर सहित भारत में कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव (यूएनएससी) 1267 द्वारा जैश को ”नामित विदेशी आतंकवादी संगठन” के रूप में सूचीबद्ध किया गया था और मौलाना मसूद अजहर को 2019 में यूएनएससी की से वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। अब तक एनआईए ने यूए (पी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से जुड़ी 109 संपत्तियों को जब्त कर लिया है।



























