कांग्रेस गठबंधन में बढ़ाएगी कुछ और सीटों पर दावेदारी, पूर्व के प्रदर्शन व जातीय समीकरणों का आधार बनाकर कर रही दावा

लखनऊ, २८ जनवरी । विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए में कांग्रेस व सपा के बीच उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारों का आंकड़ा जल्द पूरी तरह से साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि कांग्रेस के साथ 11 मजबूत सीटों से हमारे सौहार्दपूर्ण गठबंधन की अच्छी शुरुआत हो रही है। ये सिलसिला जीत के समीकरण के साथ और भी आगे बढ़ेगा।अखिलेश के इस बयान के बाद कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में भी हलचल बढ़ गई। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी कुछ देर बाद ही बयान जारी किया कि निश्चित तौर पर मैं अपने सभी साथियों से कहना चाहूंगा कि यह जो अखिलेश यादव का एक्स अकाउंट पर बयान आया है, उस पर हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व में बनी कमेटी निर्णय ले रही है।बहुत ही अच्छे वातावरण में चल रही है और इसका परिणाम बहुत ही जल्द मजबूत आने वाला है। दोनों दलों के बीच तालमेल बेहतर होने का संदेश भी दिया गया है। राय का यह भी कहना है कि सपा प्रमुख ने 11 सीटों से सौहार्दपूर्ण गठबंधन की शुरुआत की बात कही है। कांग्रेस बहुत मजबूत स्थिति में रहेगा। साफ है कि कांग्रेस गठबंधन में कुछ और सीटों पर अपना दावा बनाए रखेगी। कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का मानना है कि कांग्रेस के हिस्से पंद्रह से अधिक सीटें होंगी। कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनाव में अपनी परंपरागत सीट अमेठी व रायबरेली के अलावा पूर्व में अपने प्रदर्शन और जातीय समीकरणों के आधार पर अन्य सीटों पर दावा कर रही है। पार्टी गठबंधन में सहयोगी दलों के वोटबैंक को भी देख रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कानपुर, झांसी, महाराजगंज, फतेहपुर सीकरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, खीरी, फैजाबाद, शाहजहांपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, गोंडा के अलावा लखनऊ में भी अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। अमेठी से राहुल गांधी व रायबरेली से सोनिया गांधी का चुनाव मैदान में उतरना लगभग तय माना जा रहा है। अन्य संभावित चेहरों की बात करें तो कानपुर से अजय कपूर, महाराजगंज से सुप्रिया श्रीनेत, झांसी से प्रदीप कुमार जैद आदित्य, फतेहपुर सीकरी से राज बब्बर, फैजाबाद से डॉ.निर्मल खत्री, देवरिया से पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह व गोंडा से विधायक वीरेन्द्र चौधरी के नाम शामिल हैं।कांग्रेस इमरान मसूद को सहारनपुर अथवा बिजनौर से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में है। वहीं बसपा से निष्कासित किए जा चुके सांसद दानिश अली को कांग्रेस अमरोहा से अपना उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। दानिश अली पर संसद में आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राहुल गांधी और फिर अजय राय ने उनके घर जाकर भेंट भी की थी। इसके बाद ही दानिश का कांग्रेस में आना तय माना जा रहा था। वहीं बीते दिनों सपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद रवि वर्मा की बेटी डॉ.पूर्वी वर्मा को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी है।रवि वर्मा के परिवार की कुर्मी वोटबैंक पर अच्छी पकड़ है। कांग्रेस को यहां मुस्लिम वोटबैंक भी उसके हिस्से आने की उम्मीद है। 2009 के लोकसभा चुनाव में खीरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार जफर अली नकवी ने जीत दर्ज की थी।महाराजगंज से सुप्रिया श्रीनेत के पिता हर्ष वर्धन सिंह तीन बार सांसद रहे हैं। कानपुर सीट पर श्रीप्रकाश जायसवाल ने 2009 में जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2014 व 2019 के चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। फतेहपुर सीकरी सीट पर पिछले चुनाव में राजबब्बर दूसरे स्थान पर रहे थे। झांसी से प्रदीप जैन 2009 का चुनाव जीते थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लखनऊ व प्रतापगढ़ सीटों पर अभी प्रत्याशी तय नहीं है पर पार्टी इन सीटों पर दावेदारी रहेगी। ——————–

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