
सूरजपुर। सूरजपुर के प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या का आरोपित निगरानी बदमाश कुलदीप साहू जिलाबदर होने के बाद भी सूरजपुर जिला मुख्यालय में आराम से घूम रहा था। पुलिसिया संरक्षण के कारण उसे किसी भी प्रकार की कार्रवाई का भय भी नहीं था। सूरजपुर के बाजारपारा दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष के रूप में सार्वजनिक रावण दहन कार्यक्रम के उस मंच में भी बदमाश कुलदीप बैठा था जिसमें पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। जिला बदर होने के बाद भी उसके विरुद्ध किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। शायद यही कारण है कि उसने पुलिस परिवार पर ही हमले का दु:साहस किया। ऐसे में दोहरे हत्याकांड समेत पुलिस पर जानलेवा हमला करने की घटना का जिम्मेदार कौन, यह सवाल लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
13 अक्टूबर की रात को सूरजपुर कोतवाली के नजदीक पुराना बस स्टैंड में स्थित चौपाटी में निगरानी बदमाश एवं जिला बाजार कुलदीप साहू ने अपने साथियों के साथ पुलिस आरक्षक घनश्याम साहू पर कढ़ाई में खौलता तेल उड़ेल कर जानलेवा हमला किया था। उसके बाद अपने पिता समेत अन्य सहयोगियों के साथ उसने स्विफ्ट डिजायर कार से कोतवाली के समीप प्रधान आरक्षक तालिब शेख एवं उदय सिंह को कुचलने की कोशिश कर जानलेवा हमला किया था। उसी रात गुंडा बदमाश कुलदीप साहू ने प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी और पुत्री की चाकू से गोद गोद कर नृशंस हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। उसके बाद फरार हो रहे उक्त घटनाओं के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपित कुलदीप साहू ने उसे रोकने की कोशिश कर रहे विश्रामपुर टीआई अलरिक लकड़ा व पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। इसके जवाब में टीआई ने भी बचाव में उसे पर फायरिंग की थी, लेकिन वह भागने में सफल हो गया था। जिलाबदर होने के बावजूद नगर में बेख़ौ$फ घूम रहे आरोपित कुलदीप साहू ने अपने एक साथी के साथ 29 जून की रात साढ़े दस बजे साधुराम सेवाकुंज से बर्थडे पार्टी में शामिल होकर अपने दोस्त नवाज के साथ उसकी कार से पुराना बाजारपारा लौट रहे रुपेश सोनी को रोक कर पैसों की मांग करते हुए गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने के बाद मारपीट की थी। उसके विरुद्ध कोतवाली में 27 अपराध दर्ज हैं। उसके बावजूद कोतवाली पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी नहीं किए जाने से उसे पुलिसिया संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगना स्वाभाविक है। जिला बदर होने के बाद भी कुख्यात बदमाश कुलदीप साहू प्रशासनिक सहभागिता से सूरजपुर सेवा समिति द्वारा जिला मुख्यालय के अग्रसेन स्टेडियम में आयोजित दशहरा आयोजन के मंच में मां जगदंबा दरबार दुर्गा पूजा समिति पुराना बाजार पारा के अध्यक्ष होने के नाते आमंत्रित था और मंच पर आसीन था। रावण दहन के इस कार्यक्रम में मंच पर क्षेत्रीय विधायक समेत कलेक्टर एसपी एवं तमाम आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इतना ही नहीं कोतवाली से एक फर्लांग दूरी पर बाजार पारा सूरजपुर में समिति अध्यक्ष कुलदीप साहू की अगुवाई में नौ दिनों तक दुर्गा उत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। उसके बावजूद कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार करना उचित नहीं समझा और उसने दोहरे हत्याकांड समेत तीन अलग-अलग स्थान पर पुलिस पर जानलेवा हमला करने की वारदात को बेखौफ अंजाम दिया। इस संबंध में गोंगपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयनाथ सिंह केराम ने कहा कि जिलाबदर होने के साथ ही उगाही करने के लिए मारपीट करने के फरार आरोपी को नगर में रहते हुए भी गिरफ्तार नहीं करने तथा जिलाबदर किए गए निगरानी बदमाश कुलदीप साहू के दशहरा कार्यक्रम में कलेक्टर एसपी के साथ मंच साझा करने से उसे पुलिसिया संरक्षण प्राप्त होना स्पष्ट है। यदि उसे कोतवाली पुलिस गिरफ्तार कर ली होती, तो उक्त गंभीर घटनाएं घटित ही नहीं होती। उसका कबाड़ कारोबार पुलिसिया संरक्षण में ही संचालित हो रहा था। पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदेह के दायरे में है। हम पुलिस की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है। दोहरे हत्याकांड की न्यायिक जांच के लिए हम हाईकोर्ट की शरण लेंगे। जिलाबदर होने के बाद भी उसके नगर में बेखौफ घूमने और उसकी गिरफ्तारी नहीं किए जाने के कारणों की उच्च स्तरीय जांच कर कर उसे संरक्षण देने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अनुपम फिलिप ने कहा कि जिलाबदर होने के बावजूद कुख्यात बदमाश कुलदीप साहू नगर में बेख़ौ$फ घूम रहा था। दशहरा कार्यक्रम के मंच में उसने कलेक्टर एसपी एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मंच साझा किया। उसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया। यह सवाल आम लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उसे पुलिसिया संरक्षण होने का आरोप लग रहा है। यदि उसे पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया गया होता तो प्रधान आरक्षक की पत्नी और पुत्री की हत्या नहीं होती। इन आरोपो की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए और उसे संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं एडिशनल एसपी सूरजपुर संतोष महतो ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नही है। आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इस आशय की जांच कराई जाएगी। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
























