
कोरबा। समर्थन मूल्य पर खरीफ सीजन की फसल धान का उपार्जन जिले में जारी है। 1 नवंबर से यह प्रक्रिया शुरू हुई है। उपार्जन केदो में धान की आवक को लेकर उत्साह में कमी है। इस बीच में मौसम बारिश के कारण बहुत सारे क्षेत्र में फसल को नुकसान होने की खबर है। प्रशासन ने बताया कि सूचनाओं के आधार पर फसल नुकसान का सर्वे राजस्व विभाग के पटवारी कर रहे हैं। अगर कहीं उनकी पहुंच में विलंब होता है तो लोग उन्हें सूचना दे सकते हैं।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु में सक्रिय हुए मिचौग चक्रवात के कारण बहुत सारे क्षेत्र में नुकसान हुआ है। बे मौसम बारिश के चलते जनधन की हानि हुई है । कोरबा जिले में 3 दिन तक बारिश होने की वजह से खरीफ सीजन की फसल धान भी चपेट में आई है। विभिन्न क्षेत्रों से इस प्रकार की खबरें आई है जिनमें कहा गया है कि विषम संरचना वाले क्षेत्रों में स्थित खेतों से फसल की कटाई और उसे सुरक्षित स्थान पर लाने व उपार्जन केंद्र तक भेजने में दिक्कत हुई और विलंब हुआ। इस दौरान बारिश होने के कारण खेत में काटकर रखी गई फसल को जबरदस्त नुकसान हुआ है और उत्पादक वर्ग को चपत लगी है। जिले में इस तरह की संख्या कितनी हो सकती है, इस बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है । इधर कोरबा के एसडीएम श्रीकांत वर्मा ने बताया कि प्रशासन की जानकारी में अधिकांश क्षेत्रों में फसल कटाई का काम हो गया है फिर भी जिन क्षेत्रों में यह काम विलंबित हुआ और वह मौसम बारिश के कारण फसल को नुकसान हुआ है
उसका सर्वे राजस्व विभाग के पटवारी कर रहे हैं। अगर किसी इलाके में पटवारी नहीं पहुंचते हैं तो पीडि़त पक्ष खुद उन्हें इस बारे में सूचना देकर सर्वे के लिए बुला सकता है। प्राकृतिक आपदा होने की स्थिति में पीडि़त पक्ष को क्षतिपूर्ति देने के लिए सरकार ने नियम बनाए हुए हैं और उनके अनुसार आगे की व्यवस्था की जाएगी।
खरीदी का समय बढ़ाने की मांग
इसके साथ ही अब विभिन्न क्षेत्रों से मांग उठने लगी है कि मौसम के रुख के कारण कई प्रकार की समस्याएं सामने आई है। एक तो फसल काटने में विलंब हुआ है कई स्थानों पर दुश्वारिया बनी है। मौसम के अनुकूल होने के बाद अब लंबित कार्य को पूरा करने और धान की फसल को बेचने में समय लगना स्वाभाविक है। इसलिए धान की फसल लेने वाले किसान सरकार से मांग कर रहे है की खरीदने की अवधि को कम से कम 15 दिन के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। सरकार ने 31 दिसंबर तक धान की खरीदी करना सुनिश्चित किया है























