
कीव, २९ अक्टूबर ।
पेंटागन ने सोमवार को कहा कि उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लडऩे के लिए लगभग 10,000 सैनिकों को रूस भेजा है। पेंटागन की प्रवक्ता सबरीना सिंह ने कहा कि उनमें से कुछ सैनिक पहले ही यूक्रेन के करीब चले गए हैं। हम इस बात से चिंतित हैं।वहीं, नाटो महासचिव मार्क रुटे ने भी दावा किया है कि उत्तर कोरियाई सेना रूस के कुस्र्क में तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच गहराता सैन्य सहयोग हिंद-प्रशांत और यूरो-एटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा है। नाटो महासचिव ने कहा कि उत्तर कोरियाई सेना की तैनाती प्योंगयोंग की यूक्रेन के खिलाफ भागीदारी में महत्वपूर्ण वृद्धि को रेखांकित करता है। क्रेमलिन ने उत्तर कोरियाई सेना की तैनाती से संबंधित रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे झूठी खबर करार दिया। उत्तर कोरियाई प्रतिनिधि ने भी इस सूचना को अफवाह बताया है। हालांकि, गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरियाई सेना के रूस में होने से इन्कार नहीं किया था। इस बीच, रूस ने उत्तर और मध्य यूक्रेन में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इसके कारण सूमी और मध्य पोल्टावा क्षेत्र में पावर कट का सामना करना पड़ा। खार्कीव क्षेत्र में किए गए हमले में 21 लोग घायल हो गए। वहीं, यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमले में रूसी इथेनाल प्लांट को निशाना बनाया गया। हमले में दो लोग घायल भी हो गए। इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा था कि यह रूस का मामला है कि वह उत्तर कोरियाई सैनिकों का उपयोग करने का निर्णय लेता है या नहीं। यदि यूक्रेन नाटो में शामिल होना चाहता है, तो मास्को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो चाहे कर सकता है। उनका यह बयान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस दावे के बाद आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि खुफिया विभाग को पता चला है कि रविवार और सोमवार के बीच पहली उत्तर कोरियाई सेना का इस्तेमाल रूस द्वारा युद्ध क्षेत्रों में किया जाएगा।
यूक्रेन का अनुमान है कि प्योंगयांग द्वारा रूस भेजे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों की संख्या 12,000 थी, जिसमें लगभग 500 अधिकारी और तीन जनरल शामिल थे।


























