
कोरबा। जिले में तीन महिलाओं को मौत की नींद सुलाने वाले खतरनाक लोनर हाथी अभी भी पंतोरा के निकट छाता जंगल में है। इय हाथी को नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित कुमकी हाथी को बिलासपुर टायगर रिजर्व से बुलाया गया है, जिस पर राजू नामक कुमकी को लेकर महावत कल सुबह से ही पंतोरा पहुंच गये है। यहां पहुंचने के बाद कुछ देर विश्राम करने के बाद कुमकी हाथी को छाता जंगल में उतारा गया। बताया जाता है कि दोपहर 2 बजे के लगभग लोनर व कुमकी हाथी का आमना-सामना हुआ लेकिन कुमकी को देखते ही लोनर भाग गया और जंगल में जाकर कहीं छिप गया है। जंगल में छिपे लोनर को टे्रकिंग करने के लिए वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लगातार लगे हुए है लेकिन छाता जंगल के काफी घना होने और इसका क्षेत्रफल भी बड़ा होने की वजह से अब तक लोनर का लोकेशन पता नहीं चल सका है। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक लोकेशन मिलते ही कुमकी को फिर लोनर के पास भेजा जायेगा और उसे नियंत्रित करने की कार्रवार्ह की जायेगी। ज्ञात रहे कि लोनर हाथी ने हरदीबाजार क्षेत्र के खैर भावना, रलिया व खोडरी ने अचानक पहुुच भारी उत्पात मचाया था और 3 महिलाओं व मवेशियों की जान ले ली थी। दिन भर क्षेत्र में आतंक मचाने व वृंदावन में मौजूद रहने के बाद देर सायं को खदेड़े जाने पर आगे बढक़र पंतोरा के पास स्थित छाता जंगल मेेंं पहुंच गये। तब से लगातार वहा डेरा डाला हुआ है। लोनर के आक्रामक रवैय्ये को देख आसपास के ग्रामीण काफी भयभीत है। वन विभाग भी चिंतित है। वन विभाग ने इस पर नियंत्रण करने के लिए कुमकी हाथी की सेवा लेना तय किया है। वन विभाग के बुलावे पर महावत कुमकी को लेकर पंतोरा क्षेत्र पहुंच गया है और काम भी शुरू कर दिया है।






















