कोरबा सीट पर भाजपा-कांग्रेस के संघर्ष को कठिन बनाया गोंगपा ने, वोट पर नजर

कोरिया/बैकुंठपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य में भी गहमागहमी जारी है। इस बीच कोरबा लोक सभा सीट पर लड़ाई दिलचस्प हो गई है । इस सीट पर आखिरकार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने लोकसभा की कोरबा सीट के लिए अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। इस बार पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महासचिव को चुनावी मैदान में उतारा है। जिनकी गिनती पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में होती है। पार्टी में उनका स्थान दूसरा है। वही पाली तानखार सहित कोरिया व एमसीबी जिले में भी गोंडवाना पार्टी की पकड़ काफी मजबूत है जो कि किसी भी पार्टी को जीतने व हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं । ऐसे में अब राज्य के कोरबा लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला की संभावना हैं। अब देखने वाली बात यह होगा कि गोंडवाना पार्टी के प्रत्याशी किसका ज्यादा नुकसान करते है। हालांकि पार्टी ने कोरबा के अलावा छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं लेकिन कोरबा सीट से श्याम सिंह मरकाम को प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने इस सीट के मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है। अभी तक इस सीट से कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशी ही जीतते आए हैं, लेकिन कोरबा लोकसभा सीट व इसके अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा चुनाव पर हुए अब तक के चुनाव में पार्टी ने तीसरा स्थान ही प्राप्त किया है। इस बार प्रत्याशी घोषित कर पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए ऐसी चक्रव्यू रची है जिसे भेदने वाला प्रत्याशी ही जीत हासिल कर सकेगा। इसके पीछे का मुख्य कारण कोरबा लोकसभा की अंतर्गत स्थित पाली-तानाखार, रामपुर,मनेन्द्रगढ़, भरतपुर-सोनहत, मरवाही, बैकुंठपुर जैसी सीटों पर पार्टी का बड़ा जनाधार बताया जा रहा है।यदि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव की तरह प्रत्याशी ने मेहनत किया तो सीधा असर भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों पर होगा। उनके जीत का अंतर कम भी हो सकता है। लोकसभा कोरबा का उदय 2008 के परिसीमन के बाद हुआ जहा अब तक हुए चुनाव में कोई भी पार्टी लगातार कुर्सी पर काबिज नही रहा वही गोंडवाना के नही लडऩे से इसका फायदा जरूर जीतने वाली पार्टी को मिला किन्तु जब भी गोंडवाना पार्टी ने लोकसभा में अपना प्रत्याशी तय किया हर चुनाव में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि पार्टी अभी तक डाले गए कुल मतों का पांच प्रतिशत तक हिस्सा प्राप्त करने में सफल रही है। उम्मीद है कि लोकसभा के इस चुनाव में भी गोंडवाना के प्रत्याशी की वोट बैंक में बढ़ोत्तरी होगी। इसके पीछे का मूल कारण पाली तानाखार में पार्टी की मजबूत पकड़ और विधायक भी पार्टी का होना है। इसके लिए वे लगातार अपने क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।साथ ही कोरबा लोकसभा के हर विधानसभा में पार्टी लगातार मजबूती के साथ आम जनों तक अपनी पकड़ मजबूत बनाने का प्रयास कर रही। कोरबा लोकसभा के अंतर्गत स्थित पाली-तानाखार ,रामपुर ,मनेन्द्रगढ़ और भरतपुर-सोनहत व बैकुंठपुर क्षेत्र में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी कांग्रेस और भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। अंकों का गणित बताता है कि इस क्षेत्र में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के वोटों में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है और इसका असर दोनों प्रमुख पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में गोंडवाना गणतत्र पार्टी के उम्मीदवार हीरासिंह मरकाम ने 52 हजार 753 मत प्राप्त किया था जो कुल डाले गए मत का 5.1 फीसदी था। उस समय गोंडवाना के मतदान प्रतिशत में लगभग एक फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी और कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. चरणदास महंत को 4 लाख 34 हजार 516 मत प्राप्त हुए थे। जबकि डॉ. बंशीलाल महतो को 4 लाख 38 हजार 649 मत मिले थे। तब इन दोनों उम्मीदवारों के वोट बैंक में कम फीसदी का ही अंतर था और बंशीलाल महतो चुनाव जीत गए थे। इस बार भी गोंडवाना पार्टी के प्रत्याशी के तय होने से इस चुनाव प्रदर्शन पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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