
कोरिया बैकुंठपुर। जिला न्यायालय से 36 केस फाइल गायब कराने वाले अभिलेखापाल निगमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कराया गया है।
पुलिस के अनुसार 31 अक्टूर 2023 को जिला एवं सत्र न्यायालय के अनुशासनिक अधिकारी की ओर से आदेश प्राप्त हुआ है। जिसमें शासन प्रति निगमेन्द्र प्रताप सिंह अभिलेखापाल जिला न्यायालय बैकुंठपुर के विरूद्ध न्यायालय के 33 आपराधिक प्रकरण फाइल एवं 3 सिविल प्रकरण की फाइल जान मूल्यवान दस्तावेज को जान बूझकर गुमा देने या नष्ट कर देने के संबंध में उल्लेखित है। आरोपी अधिक मात्रा में न्यायालयीन फाइलों की अफरा-तफरी कर गंभीर अपराध किया गया है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी निगमेन्द्र प्रताप सिंह के विरूद्ध धारा 409, 477 का अपराध प्रथम दृष्टिया घटित करना पाया गया है। मामले में अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है।
यह है पूरा मामला आरोपी – अभिलेखापाल द्वारा एमके राज न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनेन्द्रगढ़ के मई 2017 के 34 आपराधिक प्रकरण एवं 4 सिविल प्रकरण प्राप्त किया गया। लेकिन 33 आपराधिक प्रकरण एवं 3 सिविल प्रकरण गुमा दिया गया है। मामले में कारण बताओ सूचना पत्र 24 मार्च 2023 आदेशिका वाहक रामलाल तिर्की के माध्यम से तामिली के लिए अपचारी के स्थानीय निवास मार्गदर्शन संस्थान मार्ग दर्शन रोड बैकुंठपुर भेजा गया। आदेशिका वाहक रामलाल तिर्की ने यह टीप अंकित किया कि 28 मार्च 2023 को बैकुंठपुर मार्ग दर्शन संस्थान में खुद जाकर निगमेन्द्र प्रताप सिंह कॉलेज में नहीं पाया गया। घर में भी पता किया तो कहीं जाना बताया गया। जिस कारण से बिना तामिल वापस हुआ है। वहीं 24 मार्च 2023 को एक प्रति रजिस्टर्ड डाक से अपचारी के सेवा पुस्तिका में वर्णित निवास रिंग रोड चोपड़ापारा अंबिकापुर भी भेजा गया। जो इस टीप के साथ वापस है कि प्राप्तकर्ता निवास स्थान से पलायन कर गया है। मामले में 18 अप्रैल 2023 को जारी कर विनय कुमार प्रधान प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को जांच अधिकारी नामित कर प्रतिवेदन चाहा गया। जांच अधिकारी ने 1 अगस्त 2023 को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिसमें अपचारी कर्मचारी के विरूद्ध जारी समंस अनिर्वाहित होना लेख किया गया है। अपचारी घर में होते हुए भी तामिली से अभद्र व्यवहार कर नहीं होना बताया गया है। अपचारी के विरूद्ध नोटिस का प्रकाशन भी कराया गया है। परंतु अपचारी उपस्थित नहीं हुआ। मामले में आरोपी निगमेन्द्र प्रताप सिंह अभिलेखापाल के विरूद्ध एक पक्षीय विभागीय जांच कर साक्षियों के साक्ष्य लेखबद्ध प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।





















