
जांजगीर-बलौदा। कोलवाशरी व ट्रांसपोर्टरों के आगे जिले के अफसर पूरी तरह से खामोश नजर आ रहे हैं। नो एंट्री को फिर से सरपंच से लेकर विधायक तक विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टोरेट शिकायत करने पहुंच गए। आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। लागू करने के लिए एक ओर व ट्रांसपोर्टरों के आगे अफसर खामोश नजर आ रहे हैं। ज्ञात हो कि बलौदा से नैला मार्ग तक नो एंट्री में बदलाव होने से क्षेत्र के जनताओं व जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। तीन दिन पहले अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जनपद अध्यक्ष, सरपच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। जिस पर कलेक्टर ने विधायक राघवेन्द्र सिंह को समिति गठित कर निर्णय लेने की बात कही गई थी। इतने में विधायक इस आश्वासन के बाद बैरंग लौट गए था। इस सबंध में शुक्रवार को एएसपी, एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी, खनिज अधिकारी, सीएमओ नपं बलौदा व सरपंच कन्हाईबद, सिवनी, जर्वे, जावलपुर की उपस्थिति में बैठक हुई। जिसमें एक स्वर में सभी सरपंचों ने बलौदा से नैला तक पहले की तरह फिर से 6 से 10 बजे तक नो एंट्री लागू करने की बात कही। अफसरों व सरपंचों की बात कलेक्टर आकाश छिकारा ने सुना। इसके बावजूद भी कोई निर्णय तक नहीं पहुंच सके। फिर से जल्द ही इस संबंध में अवगत कराने को वात कलेक्टर ने कहकर वापस लौटा दिया गया। इधर बलौदा से नैला के सभी जालवपुर, कन्हाईबंद, जर्वे सहित अन्य गांव के सरपंच व ग्रामीणो नो को लगातार चल रहे भारी वाहन से में सरपंच पहले लागू नो एंट्री को यथावत रखने की बात कही। इसके बाद कलेक्टर ने जल्द ही इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। जल्द ही कोई निर्णय आने की संभावना है।
नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर पहले विधायक अकलतरा राघवेन्द्र सिंह. जिला पंचायत सभापति कुसुम कमल साव, नप बलौदा अध्यक्ष पहुंचे थे। कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों को समिति में शामिल कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया था। शुक्रवार की समिति की बैठक हुई। लेकिन इसमें विधायक सहित जिपं सभापति व नपं अध्यक्ष का नाम ही नहीं था। हालांकि बाद में विधायक अकलतरा शामिल हुए। जो जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं करने का मामला उठाया गया।






















