
जांजगीर-चांपा। जिले में चोरी, डकैती के बाद गार्ड को गोली मारकर 78 लाख रुपए लूट की नई वारदात ने यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। खास बात यह है कि पिछले दिनों शहर सहित जिले के कस्बाई इलाकों में हुई बड़ी चोरियों का पर्दाफाश करना तो दूर सुराग तक लगा पाने में नकाम पुलिस नाकाम रही है। वहीं अब सप्ताह भर के भीतर शराब दुकान में डकैती और जिला सहकारी बैंक में चोरी का असफल प्रयास और सरकारी शराब दुकान के कैश कलेक्शन वेन के सुरक्षा गार्ड को गोली मारकर 78 लाख रुपए लूट की घटना ने पुलिस के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसी स्थिति में अब आमजन भी अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर सोचने पर मजबूर हो गए है।
गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिला इन दिनों चोर, लुटरों और डकैतों का जन्नत बनते जा रहा है। बीते कुछ महीनों में हुई वारदातों पर नजर डाली जाए तो न केवल जिला मुख्यालय जांजगीर बल्कि जिले के चांपा, अकलतरा, शिवरीनारायण, पामगढ़, नवागढ़ और बलौदा, बम्हनीडीह, बिर्रा सहित लगभग सभी थाना क्षेत्रों में छोटी-बड़ी चोरियों की दर्जनों वारदातें हुई है। इनसबको सुलझाने के नाम पर हवा हाथ पैर मार रही पुलिस को अपराधियों ने अभी सप्ताहभर के भीतर तीन बड़ी वारदातों को अंजाम देकर एक और नई चुनौती दे डाली है। मंगलवार 14 जनवरी को जिला मुख्यालय से लगे ग्राम खोखरा के सरकारी शराब दुकान में कैश कलेक्शन करने पहुंचे वेन के सुरक्षा गार्ड को गोली मारकर अज्ञात नकाबपोश 78 लाख रुपए लूटकर फरार हो गए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी,एसपी के साथ पूरा अमला मौके पर पहुंचा था। आरोपियों की पतासाजी के लिए एडिशनल एसपी के नेतृत्व में दर्जन भर से अधिक पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है, लेकिन वारदात के तीसरे दिन भी जांच टीम को कोई ठोस सुराग नहीं मिले है। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व भी नवागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत केरा में सरकारी शराब दुकान में डकैती की घटना हुई थी। पुलिस इस मामले की जांच पूरी करके आरोपियों तक पहुंच पाती कि इसके पहले आरोपियों ने नवागढ़ के जिला सहकारी बैंक में आधी रात में धावा बोल दिया। हथियार के दम पर गार्ड को बंधक बनाकर लूट का प्रयास किया जा रहा था कि गार्ड साहस का परिचय देते हुए न केवल उनके चंगुल से बाहर निकला बल्कि थाने पहुंचकर पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद आरोपी चोरी की घटना को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद खोखरा सरकारी शराब दुकान की घटना हो गई। इस तरह से देखा जाए तो सप्ताह भर के भीतर हुई इन तीन वारदातों ने पुलिस के समक्ष न केवल बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, बल्कि जिस दुस्साहसिक ढंग से इन वारदातों को अंजाम दिया गया, उससे आमलोग भी अब अपनी जानमाल की सुरक्षा को लेकर सोचने पर मजबूर हो गए है।
एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे
मवागढ़ जिले में लगातार हो रही चोरी डकैती की घटनाओं से भारतीय स्टेट बैंक का एटीएम प्रबंधन अभी भी सबक नहीं ले रहा है। नवागढ़ में स्थित स्टेट बैंक एटीएम इन दिनों घुप्प अंधेरे में डूबा रहता है प्रबंधन द्वारा एक बल्व भी नहीं लगाया गया है ना परसी का व्यवस्था है जबकि एटीएम की देखरेख करने वाली कंपनी इन सभी सुविधाओं की राशि वसूलती है। अंधेरे होने के कारण महिलाएं एटीएम जा नहीं सकती असमाजिक तत्व कभी भी ग्राहकों से छीना-झपटी कर बड़ी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। सभी बिदुओं पर जांच चल रही है। पड़ोसी जिलों में भी इस तरह। की वारदाते हुई है, वहा से भी जानकारी तथ्यों पर काम कर रही है। शीघ्र सफलता मिलने की उम्मीद है।
उमेश कश्यप,
एडिशनल एसपी जाजगीर






















