
अंबिकापुर। सरगुजा की गांधीनगर पुलिस ने गांजा के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।इनमें आरोपित मो राजुन मंसूरी उफऱ् राजू (48) मूलत: लहसुई कब्रिस्तान मोहल्ला कोतमा मध्यप्रदेश का रहने वाला है। यह अंबिकापुर के बरेजपारा तालाब के पास रसूलपुर में निवास करता है। दूसरा आरोपित सोनू पटेल (25) ग्राम इंजानी थाना चलगली का निवासी है। इनके पास से कुल 23 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपित मो राजुन मंसूरी उफऱ् राजू द्वारा ओडिशा से गांजा मंगाया जाता था। दूसरा आरोपित सोनू पटेल गांजे को फूटकर व्यापारियों के पास खपाने का काम करता था लेकिन इस बार दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इन दोनों की गिरफ्तारी से सरगुजा में गांजा बिक्री के अवैध धंधे पर रोक लगने की संभावना है।
पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा के निर्देश पर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है। सूचना तंत्र को और मजबूत किया गया है। इसका फायदा पुलिस को लगातार मिल रहा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक लटोरी रोड की ओर से मोटरसाइकिल में गांजा रखकर बिक्री हेतु अंबिकापुर की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल संदिग्धोंकी पहचान कर चठीरमा बैरियर के पास घेराबंदी किया गया। इस दौरान मो राजुन मंसूरी उफऱ् राजू तथा सोनू पटेल को पकड़ लिया।इनके पास बैग की तलाशी ली गई। इनके पास से लगभग 23 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।पुलिस ने गांजा तथा घटना मे प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जप्त किया गया है। एनडीपीएस एक्ट का अपराध पंजीकृत कर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जॉन लकड़ा, उप निरीक्षक अलंगो दास, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक अमृत सिंह, अतुल सिंह, शाहबाज खान, जितेश साहू, मनीष सिंह, अरविन्द उपाध्याय,राजकुमार यादव, ऋषभ सिंह, सैनिक अनिल साहू शामिल रहे। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपित मो राजुन मंसूरी उफऱ् राजू के ओडिशा के गांजा तस्करों से संबंध है।उसी के द्वारा ओडिशा से गांजा मंगाया जाता था। अंबिकापुर में अपने किराए के मकान में गांजा रखने के बजाय उसके द्वारा ठेके पर छोटे विक्रेताओं तक सप्लाई का काम कराया जाता था। इसी उद्देश्य से उसने सोनू पटेल नामक युवक को अपने धंधे में साथ मिला लिया था। सोनू पटेल द्वारा गांजा अपने घर में रखा जाता था। जहां से भी आर्डर मिलता था, वहां मोटरसाइकिल से सोनू ही गांजा पहुंचाया करता था। इसके एवज में उसकी भी मोटी कमाई हो रही थी। इसकी पुख्ता सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को रंगे हाथों पकडऩे की योजना बनाई थी आखिरकार पुलिस की योजना सफल हुई और दोनों को 23 किलो गांजा के साथ एक साथ पकड़ लिया गया।













