
जांजगीर-चांपा। नेताजी चौक से कचहरी चौक तक बनाई जा रही निर्माणाधीन नाली की गुणवत्ता पर सवाल लग रहे हैं। कुछ दिनों पहले बंसल ट्रेडर्स के पास नाली की वाल गिर गई थी। जिससे काम की गुणवत्ता पर सवालों के घेरे में आ गई थी। इस नाली का निर्माण इस नाली का निर्माण केवल ठेकेदार अपने हिसाब से करते चले आ रहा है जहां साईड पर न तो नगरपालिका के अधिकारी जाते और न हीं इंजीनियर नतीजा यह है कि ठेकेदार ही इस कार्य को पूर्ण करने में लगा हुआ है निर्माण का कार्य नपा के इंजीनियर शिवा बर्मन के निरीक्षण में होना है मगर चुनावी ड्यूटी का हवाला देकर मॉनिटरिंग की इतिश्री निभाई जा रही थी। यह नाली निर्माण करते-करते ठेकेदार द्वारा ठीक से नाली की सफाई नहीं कर जाने के कारण अभी से नाली है पटने लगी हैं। बिना देखरेख के ही काम हो रहा था जिसमें नाली की ऊंचाई एक समान भी नहीं है। इसको लेकर पहले भी अनेक समाचार पत्रों ने समाचार का प्रकाशन कर ने अफसरों के संज्ञान में इसे लाया गया था लेकिन अफसरों के द्वारा ध्यान नहीं दिया गया। जिसके दो-तीन बाद ही नाली की वॉल गिरने का किस्सा सामने आ गया। इसके बाद भी नपा अफसरों के द्वारा कहा गया कि मिट्टी गीली थी और सामान डंप करने के लिए गए ट्रैक्टर का पहिया पडऩे से नाली गिरने का बात कहते हुए ठेकेदार का पक्ष लेते रहे हैं। सच कहा जाए तो इस नाली निर्माण में गुणवत्ता की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है जहां नाली निर्माण का कार्य ठेकेदार पर छोड़ दिया गया है अगर इसी तरह से ठेकेदार द्वारा नाली का निर्माण कराया जाता रहा तो निश्चित तौर पर इस नाली का भविष्य लंबे समय का नहीं होगा इसलिए इस नाली निर्माण का उच्च स्तरीय जांच किया जाना आवश्यक है। इतना ही नहीं बल्कि नाली निर्माण करते समय आधे से अधिक नाली मिट्टी से पट गई है इसका सफाई करना जाना अति आवश्यक है नहीं तो नाली निर्माण कराए जाने का कोई औचित्य नहीं होगा



















