
जैजैपुर । जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत छितापहरिया के खसरा नंबर 5/2 रकबा 4.99 पर राज्य सरकार के द्वारा गुरुश्री मिनरल्स डोलोमाईट खनन के लिए पट्टा आरी किया गया था। जिसमे पूर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर करीब 34 लाख टन डोलोमाईट खनिज संपदा होने का उल्लेख किया गया था। जिसके उत्खनन के लिए गुरुश्री मिनरल्स को 30 साल के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन गुरुश्री मिनरल्स के संचालक मुकेश बंसल ने खनिज विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत करते हुए 30 साल के लीज वाले खदान की डोलोमाइट का उत्खनन 10 साल में कर खदान को खाली कर दिया।
संचालक ने लगभग 10 लाख टन की ही रॉयल्टी खनिज विभाग में जां की, जबकि शासन से जिस खसरा नंबर पर डोलोमाइट खनन की लीज जारी किया था, उस स्थान पर वर्तमान में विशाल गद्दा बनकर पानी भर गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत छितापड़रिया के खसरा नंबर 5/2 रकबा 4.99 पर 30 साल के लिए डोलोमाईट खनन का लीज दिया गया था। जहां पर विभागीय पूर्वेक्षण के आधार पर 34 लाख टन डोलोमाइट खनिज संपदा होने का अनुमान लगाया था। लेकिन गुरुश्री मिनरल्स के संचालक ने रायल्टी के नाम पर खनिज विभाग को लगभग 19 लाख टन ही जमा किया जिसकी कीमत करीब 26 करोड़ 80 लाख रुपए है। जबकि खदान पूर्ण रूप से खाली हो गया है। 34 लाख टन डोलोमाइट का का खनन कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है।
ग्राम पंचायत छितापड़रिया में गुरुश्री मिनरल्स द्वारा डोलोमाइट खनन की शिकायत में गुरुवार को राजस्व विभाग और खनिज विभाग के टीम द्वारा संयुक्त रूप से जांच की जाएगी। जांच में जो भी गड़बड़ी मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी।
गोविंद अनंत, खनिज निरीक्षक
भौतिक सत्यापन में रायल्टी चोरी का मामला आ जाएगा सामने
पूरे मामले में यदि जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच कराती है तो निश्चित रूप से छितापड़रिया के खदान में हुई डोलोमाइट के अवैध उत्खनन और रायल्टी चोरी का मामला सामने आ जाएगा और शासन को हुई करोड़ोकी राजस्व की भरपाई भी हो सकती है, लेकिन जिला प्रशासन भी शासन को हुई करोड़ों की राजस्व को वसूलने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है जो कि समझ से परे है। वहीं इससे प्रशासनिक कार्रवाई पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है।
जमीन मालिक ने की कलेक्टर से शिकायत
पूरे मामले में जमीन मालिक ने बालेक्टर से शिकायत करते हुए गुरुश्री मिनरल्स के संचालक और खनिज विभाग के ऊपर आरोप लगाते हुए बंद खवरून में रायल्टी जारी करने का आरोप लगाया है। जमील मालिक रघुवीर सिंह सिसोदिया ने बताया कि उसके नाम निजी भूमि ग्राम सितापइरिया में खसरा नंबर 5/2 में 4.99 हेक्टेयर भूमि स्थित है। जिस पर डोलोमाइट सानन के लिए गुरु श्री मिनरल्स के संचालक को सन 2011 से 2041 तीस वर्षों के लिए लीज पर दिया हूं, लेकिन उक्त भूमि में करीब दो साल से पानी भर गया है। उसके बावजूद भी खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा पानी भरे खदान में कैसे रायल्टी जारी किया जा रहा है वह समझ से परे है। शिकायतकतों ने कलेक्टर से खदान की जांच कर उसकी जमीन को वापस दिलाने की मांग की है ताकि उसमें अपनी जीविका चला सके।



















