
कोरबा। दुनिया की सबसे बड़ी और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की मेगा प्रोजेक्ट गेवरा कोल परियोजना में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है। यहां काम के दौरान एक 240 टन वजनी डंपर फिसलकर करीब 80 फिट नीचे गिरकर ब्लास्ट हो गया। इस घटना में ऑपरेटर जख्मी हो गया । आपात स्थिति में धैर्य और साहस दिखाते हुए ऑपरेटर ने कांच तोडक़र किसी तरह अपनी जान बचाई। मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका उपचार जारी है।
कोरबा जिले में एसईसीएल की कोयला खदानों में दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही। गेवरा कोल माइंस एक बार फिर से जबरदस्त हादसा हुआ है,जहां एक 240 टन वजनी डंपर फिसलकर करीब 80 फिट नीचे गिरकर ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में चालक की जान बाल बाल बच गई। आज तडक़े पौने चार बजे खदान के पार्था फेस में यह हादसा हुआ। चालक का नाम पुष्पराज है,जो डंपर का कांच तोडक़र किसी तरह बाहर निकला। मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने उसे तत्काल गेवरा स्थित नेहरु शताब्दी अस्पताल में भर्ती करवाया। बताया जा रहा है,कि खदान के कुछ क्षेत्रों में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है जिसके चलते यह हादसा हुआ,इससे पहले भी कम रौशनी के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी है। दो दिन पहले ही गेवरा खदान के भीतर ड्रिल मशीन में आग लग गई थी,जिससे प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा था। लगातार हो रहे हादसो के कारण कहीं न कहीं प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।
खान प्रबंधक और कर्मियों ने हाल-चाल जाना
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की गेवरा प्रोजेक्ट्स में हुए इस दुर्घटना की खबर मिलने पर कोलियरी मैनेजर्स सहित अधिकारी व कर्मचारी हरकत में आए। उन्होंने स्थानीय विभागीय अस्पताल पहुंचकर घायल डंपर ऑपरेटर का हाल-चाल जाना जिसे यहां पर उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। चुकी कार्य अवधि में यह दुर्घटना हुई है इसलिए यह मामला जांच के दायरे में आ गया है। बताया गया कि डायरेक्टर जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी को इस बारे में अवगत कराया गया है। इस स्थिति में डीजीएमएस की टीम यहां पहुंचकर संबंधित पहलुओं की जांच करेगा और इस आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी।



















