
केपटाउन, २७ नवंबर । में भारत के शेरपा अनिल सूकलाल ने रविवार को कहा कि दक्षिण अफ्रीका की ब्रिक्स की अध्यक्षता और भारत की जी-20 की अध्यक्षता नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे के निर्धारण के मामले में ग्लोबल साउथ को केंद्र में ले आई है। केपटाउन वार्ता के दौरान सूकलाल ने कहा कि ग्लोबल साउथ काफी मजबूत है और अपने विचारों को व्यक्त करने व वैश्विक शासन ढांचे के संदर्भ में अधिक न्यायसंगत, समावेशी एवं प्रतिनिधित्व वैश्विक समुदाय का आह्वान करने के लिए उसके पास एक शक्तिशाली आवाज है। यह ग्लोबल साउथ के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा है। ब्रिक्स की दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता और भारत की जी-20 की अध्यक्षता ने नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे के निर्धारण के मामले में ग्लोबल साउथ को वैश्विक केंद्र में ला दिया है।भारत की जी-20 अध्यक्षता के बारे में ब्रिक्स शेरपा ने कहा कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील दोनों के लिए मानक ऊंचे कर दिए हैं। ब्रिक्स की सदस्यता के लिए आवेदन करने वाले पाकिस्तान समेत विभिन्न देशों के बारे में सूकलाल ने कहा कि संगठन छह सदस्यों पर सहमत है और ब्रिक्स आम सहमति से काम करता है। भू-राजनीतिक विशेषज्ञ वेलिना चाकारोवा ने कहा कि ग्लोबल साउथ का भारत बेहद उचित नेता हो सकता है क्योंकि वह पहले ही वैश्विक शक्ति बन चुका है। केपटाउन वार्ता में संबोधन के बाद चाकारोवा ने कहा, मुझे लगता है कि लातिन अमेरिका से अफ्रीका तक ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करने वाले बहुत से देश भारत के नेतृत्व को स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपने वादे निभाता है। चाकारोवा ने कहा कि जी-20 में इस बात की आशंका थी कि सम्मेलन के बाद संयुक्त घोषणा संभव नहीं हो पाएगी। लेकिन भारत ने इस आशंका को गलत साबित करते हुए बेहद सफल अध्यक्षता की। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति थाबो मबेकी ने कहा कि केपटाउन वार्ता के 22 सत्रों में ग्लोबल साउथ की चुनौतियों समेत महत्वपूर्ण एवं प्रासंगिक सवालों पर चर्चा हुई।






























