
प्रतापपुर। लगभग पांच घंटे तक जंगल के भीतर मौजूद दलदल में फंसे हथिनी को वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। दलदल से बाहर निकलने के बाद वह अस्वस्थ नजर आ रही है। वन विभाग की टीम एवं पशु चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूरजपुर वन मंडल के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में लगभग 30 हाथियों का दल सक्रिय है।
क्षेत्र में विचरण कर रहे इतने बड़े हाथियों के दल के कारण कई गांवों के ग्रामीण दहशत में जान माल की सुरक्षा के लिए रतजगा कर रहे हैं। हाथियों का दल अभी वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के वन क्षेत्र टुकुडांड़ के करसी में विचरण कर रहा है। करसी क्षेत्र में विचरण के दौरान जब यह दल रविवार तडक़े बुढ़ाडांड़ (खुर्सीपारा) के जंगल में पहुंचा तो दल की एक हथिनी अभी कुछ दिनों पूर्व आई बारिश के कारण जंगल में मौजूद एक गहरे गड्ढे में पानी भर जाने से बने दलदल में फंस गई। बताया जा रहा है कि दल के अन्य हाथियों ने मादा हाथी को दलदल से बाहर निकालने का काफी प्रयास किया पर जब वे इसमें सफल नहीं हुए तो मादा हाथी को दलदल में ही छोडक़र चले गए। इधर दलदल में फंसी मादा हाथी दलदल से बाहर निकलने की कोशिश करते हुए लगातार चिंघाड़ रही थी। पर गड्ढा काफी गहरा था इसलिए वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। तभी वहां आसपास सर्चिंग कर रही वन विभाग की टीम को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पहले तो दलदल में बुरी तरह से फंसी हुई मादा हाथी को बाहर निकालने के लिए अपने स्तर पर काफी प्रयास किया। जब टीम इसमें सफल नहीं हुई तो फिर वहां दो एक्सीवेटर मशीन मंगाई गई। मादा हाथी को बाहर निकालने के लिए एक्सीवेटर मशीनों से दलदलनुमा गड्ढे की गहराई को काटकर रास्ता बनाया गया। मादा हाथी दलदल से उठ नहीं पा रही थी जिसके बाद उसे एक्सीवेटर मशीन की सहायता से थोड़ा धक्का दिया गया तब कहीं जाकर वह दलदल से उठते हुए बाहर निकली और धीरे धीरे चलते हुए पास में ही स्थित एक सूखे खेत में जाकर बैठ गई। जब काफी देर तक मादा हाथी खेत से नहीं उठी तो वन विभाग की टीम कारण पता लगाने उसके पास पहुंची तो वह कुछ अस्वस्थ दिखाई दी।
इस संबंध में मौके पर मौजूद वन परिक्षेत्र प्रतापपुर के रेंजर विनय कुमार टंडन ने बताया कि मादा हाथी को सुबह दस बजे दलदल से बाहर निकाल लिया गया था तथा उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल वह निद्रा की अवस्था में खेत के अंदर लेटी हुई है। उसके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए तमोर पिंगला अभयारण्य से चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया है।
























