चार्जशीट से निकाल दिया था आजम खान का नाम पूर्व एसपी समेत कई बड़े अधिकारियों पर गाज!

लखनऊ, १३ सितम्बर ।
रामपुर में शत्रु संपत्ति हड़पने के लिए किए गए फर्जीवाड़े के मामले से पूर्व मंत्री आजम खान का नाम निकालने को लेकर शासन ने पूर्व एसपी अशोक शुक्ला के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में गृह विभाग ने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में अलीगढ़ की मंडलायुक्त चैत्रा वी तथा पुलिस महानिरीक्षक सतर्कता मंजिल सैनी को शामिल किया गया है। दोनों अधिकारी मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर के अंतर्गत आने वाली शत्रु संपत्ति को हड़पने के मामले में विवेचना बदलने और आजम का नाम हटाने की जांच करेंगी। रामपुर में बने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर के अंतर्गत आने वाली भूमि इमामुद्दीन कुरेशी पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी के नाम दर्ज थी। इमामुद्दीन कुरेशी 1947-48 में भारत छोडक़र पाकिस्तान चले गए थे। इसके बाद वर्ष 2006 में यह संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज कर ली गई थी। भूमि के रिकॉर्ड की जांच करने पर यह मामला प्रकाश में आया था कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर शत्रु संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के लिए आफाक अहमद का नाम गलत तरीके से राजस्व रिकॉर्ड में अंकित कर दिया था। रिकॉर्ड के संबंध में फर्जी प्रविष्टियां प्रकाश में आने पर वर्ष 2020 में रामपुर के थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इसकी विवेचना के दौरान वर्ष 2023 में लेखपाल के बयानों के आधार पर मोहम्मद आजम खान का नाम आरोपियों में शामिल कर दिया गया था। इसके बाद तत्कालीन एसपी ने विवेचना अधिकारी गजेंद्र त्यागी से विवेचना हटाकर अपराध शाखा में इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी को सौंप दी थी। आरोप है कि मामले में जालसाजी की धारा 467 /471 का विलोपन कर धाराओं को हल्का कर चार्जशीट से आजम खान का नाम भी निकाल दिया गया।

विवेचक बदलने व विवेचना को प्रभावित कर अदालत में सतही व दूषित चार्जशीट दाखिल करने के इस मामले में शामिल पूर्व एसपी सहित पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी भी नप सकते हैं।

RO No. 13467/10