
नई दिल्ली। देश में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए मोदी सरकार ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’ बनाने पर जोर दे रही है। थिएटर कमांड का मतलब है कि किसी भी सीमा पर जमीन से लेकर आसमान तक सारे फैसले एक ही कमांडर लेंगे, यानी थल, वायु और नौसेना के लिए एक ही कमांडर होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, नौसेना और वायु सेना के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि शांति बनाए रखने के वास्ते सेना के जवानों को जंग के लिए तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने रूस-यूक्रेन और युद्ध बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सेना को किसी भी विकट परिस्थिति से लड़ने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। थिएटर कमांड (Joint Theatre Commands) का मसौदा पूरी तरह तैयार है, बस सरकार की मंजूरी का इंतजार है। हर कमांड की लीडरशिप आर्मी, एयर फोर्स या नेवी के थ्री स्टार अफसर करेंगे और सभी थिएटर कमांड की अगुवाई चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ करेंगे।
सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने चीन, पाकिस्तान और हिंद महासागर क्षेत्र के लिए अलग-अलग कमांड और कंट्रोल सिस्टम के साथ एक खाका तैयार किया है। यह कमांड एक सीमा-एक कमान के सिद्धांत पर काम करेंगी यानी हर कमांड के पास एक सीमा की पूरी जिम्मेदारी होगी।















