
कोरबा। विधानसभा निर्वाचन 2023 की तैयारियों के संबंध में आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सौरभ कुमार के निर्देशन में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती सीमा पात्रे की उपस्थिति में जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में सेक्टर ऑफिसर, मास्टर ट्रेनर, एमसीएमसी समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण एवं कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के प्रिंटरों और प्रकाशकों, बैंकर्स, आबकारी एवं वाणिज्यकर व आयकर विभाग के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री सेवा राम दिवान, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. एम एम जोशी, डिप्टी कलेक्टर श्री विकास चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। जिला पंचायत में आयोजित सेक्टर ऑफिसर, मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण में जिला मास्टर ट्रेनर्स डॉ. एम.एम.जोशी ने अधिकारियों को ईव्हीएम, वीवीपैट मशीनों के संचालन, विभिन्न गतिविधियों, बरती जानी वाली सावधानियों के बारे में अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान मशीनों में टैग लगाने, संचालन करने, चालू-बंद करने, मॉक पोल, वास्तविक मतदान कराने आदि सभी पहलुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में आदर्श आचार संहिता, ईव्हीएम मशीन के संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सेक्टर तथा नोडल अधिकारियों के कर्तव्य तथा ईव्हीएम मशीन के संचालन प्रक्रिया को डेमो के जरिए संचालित करके दिखाया गया। इसके साथ ही सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने सेक्टर में दी गई जिम्मेदारियों के निर्वहन के संबंध में विस्तार से बताया गया। जिला स्तरीय मीडिया अनुप्रमाणन एवं मॉनिटरिंग समिति के सदस्यों एवं नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के लिये भारत निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शी बिन्दुओं के अनुरूप आदर्श आचार संहिता, राजनीतिक विज्ञापन, पेड न्यूज, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से प्रचार प्रसार हेतु मापदंड की विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दी गई। साथ ही मीडिया प्रमाणन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय व निर्वाचन आयोग के निर्देश, प्रमाणन के आधार, समिति का अधिकार क्षेत्र, मीडिया प्रमाणन की आवश्यकता, मीडिया निगरानी, पेड न्यूज, फेक न्यूज सहित अन्य विषय पर जानकारी दी गई। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जिले के प्रिंटिंग प्रेस संचालक और मुद्रकों की बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा निर्वाचन के दौरान छापी जाने वाली राजनीतिक प्रचार-प्रसार सामग्रियों के बारे में निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा निर्वाचन के लिए आदर्श आचार संहिता प्रभावशील होते ही सभी प्रिंटरों-मुद्रकों और प्रकाशकों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 ए में निहित प्रावधानों और दिशा निर्देशों का पालन करना बंधनकारी होगा। उन्होंने बताया कि मुद्रकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वह निर्वाचन के दौरान प्रचार के लिए छापी गई सामग्री की तीन प्रतियां और प्रकाशक की घोषणा जिला निर्वाचन कार्यालय में छपाई के 72 घंटे के भीतर जमा कराएं। उन्होंने कहा कि मुद्रित की गई सामग्रियों पर मुद्रक एवं प्रकाशक का नाम तथा मुद्रित संख्या अंकित करना अनिवार्य होगा। साथ ही विधानसभा निर्वाचन के लिए प्रचार-प्रसार की सामग्री में मुद्रित किये जाने वाला मैटर आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहेगा।





















