
नईदिल्ली, 0७ नवंबर। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने महादेव एप पर प्रतिबंध लगाने में देरी की है। पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अगस्त में ही सट्टेबाजी एप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री स्पष्ट रूप से झूठ बोल रहे हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग नहीं की थी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ईडी कई महीनों से महादेव एप मामले की जांच कर रही है। आश्चर्यजनक है कि इसे प्रतिबंधित करने में इतना समय लगा। महादेव एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग सबसे पहले 24 अगस्त, 2023 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी। उनकी प्रशंसा करने के बजाय प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ ईडी को तैनात कर दिया। इससे पहले केंद्र सरकार ने विवादों में घिरे महादेव एप समेत 22 अवैध सट्टेबाजी एप और वेबसाइटों पर रविवार को प्रतिबंध लगा दिया। इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत वेबसाइट को बंद करने की सिफारिश करने का पूरा अधिकार था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस तरह का कोई अनुरोध नहीं किया गया था। काग्रेस ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल ने 24 अगस्त, 2023 को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फेंस में भी आरोपियों की गिरफ़्तारी और केंद्र सरकार द्वारा 28त्न टैक्स लगाकर ऑनलाइन बेटिंग को कानूनी दर्जा देने की बात उठाई थी। मुख्यमंत्री कई महीनों से लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि सट्टा खिलाने वाले इस ऐप को केंद्र सरकार बैन क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि शायद 28 प्रतिशत जीएसटी के लालच में प्रतिबंध नहीं लग रहा है या कहीं भाजपा का एप संचालकों से लेन-देन तो नहीं हो गया है। कांग्रेस ने आरोल लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इस मामले में दोषियों को गिरफ़्तार तो नहीं ही किया, टैक्स लेकर एप संचालकों के गलत कार्यों को कानूनी वैधता देकर उनका बचाव भी किया। छत्तीसगढ़ की जनता सब देख रही है। राज्य के लोग विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में एकबार फिर जनादेश देकर भाजपा की इन हरकतों का करारा जवाब देंगे।




























