
रायपुर, 0२ जनवरी । हिट एंड रन कानून के विरोध में मालवाहक और यात्री वाहन चालकों की तीन दिनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को व्यापक असर देख जा रहा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर सहित अन्य जिलों में पेट्रोल पंपों पर सुबह से भारी भीड़ देखी गई। इसका असर स्कूलों पर भी दिखा। कई स्कूली बसों के पहिए थम गए। वहीं सब्जी मंडियों में असर दिखा। मालवाहक गाडिय़ां सब्जी बाजारों में नहीं पहुंचे। वहीं रायपुर जगदलपुर जाने वाली सड़क पर ट्रक ड्राइवरों ने चक्काजाम कर दिया। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन छत्तीसगढ़ में मिला-जुला असर रहा। हड़ताल को बस और ट्रक यूनियन का समर्थन नहीं मिला है, पर चालक हड़ताल में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ बस यूनियन के मुताबिक 70 प्रतिशत बसों के पहिए थमे रहे। अंतरराज्यीय और अंतरजिला बस सेवा प्रभावित रही। रायपुर, दुर्ग, सरगुजा, बिलासपुर, बस्तर में हड़ताल से बस स्टैंडों में सुबह से यात्री परेशान दिखे। वहीं ट्रकों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। खाद्य नागिरक आपूिर्त एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने सभी कलेक्टरों को पेट्रोल-डीजल की आपूिर्त सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिल धगट ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन शासन-प्रशासन के सहयोग से पुलिस की मौजूदगी में डिपो से गाडिय़ां रवाना की गई। मंदिर हसौद स्थित डिपो से पेट्रोलियम गाडिय़ों की आवाजाही जारी है। वही उत्तर प्रदेश समेत देशभर में केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन कानून का जमकर विरोध हो रहा है। कई संगठन इस कानून के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। कई जिलों में आज भी चक्का जाम और बसों-ट्रकों की हड़ताल रहेगी। प्राइवेट बसों ट्रकों से लेकर सरकारी महकमें की बसें भी शामिल रही। ज्यादातर राज्यों के हाईवेज पर न सिर्फ ट्रक और प्राइवेट बस खड़ी हो गई। दरअसल, हिट एंड रन के नए कानून के तहत केंद्र सरकार ने 10 साल की सजा एवं 10 लाख जुर्माना लगाने का प्रावधान लागू किया है। केंद्र सरकार के हिट एंड रन कानून के विरोध में निजी बसों के संचालकों की तीन दिवसीय हड़ताल का ग्रेटर नोएडा में व्यापक असर दिखा। हड़ताल से लंबी दूरी के यात्री सबसे ज्यादा हलकान दिखे।
ट्रक चालकों की हड़ताल से बढ़ी परेशानी रसोई गैस की कालाबाजारी हुई शुरू
नोएडा। हिट एंड रन से जुड़े कानूनों में बदलाव के चलते ट्र्रक चालकों की हड़ताल से रसोई गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। लोगों को भारत गैस, इंडेन गैस एजेंसी के गोदामों से रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। वहीं खुदरा व्यापारियों को सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये लेकर बेजा जा रहा है। कालाबाजारी पर लगाम लगाने में जिला आपूर्ति विभाग भी विफल साबित हुआ है। रसोई गैस सिलेंडर खत्म होने पर बड़ी संख्या में मंगलवार सुबह लोग सेक्टर-54 स्थित गैस गोदाम पहुंचे। जहां से बड़े पैमाने पर शहर के अलग-अलग हिस्सों में सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है।





















