
रायपुर, 03 मार्च ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया। यह पहला मौका है जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया। यह बजट 100 पृष्ठों की है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे परंपराओं की ओर वापसी और मौलिकता को बढ़ावा देने का कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में हस्तलिखित बजट पेश करना एक अलग पहचान और ऐतिहासिक महत्व रखता है। अब तक छत्तीसगढ़ विधानसभा में केवल कंप्यूटर-टाइप्ड बजट ही पेश किए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार परंपरागत और अनूठे अंदाज में बजट तैयार किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी का मानना है कि इससे प्रामाणिकता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। साय सरकार का दूसरा बजट इस बजट में सरकार की तरफ से हर वर्ग के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने भाषण में कहा कि, हमारी सरकार का आधार अच्छी नियत और कर्मठता है। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया की इस बार उन्होंने बजट को खुद अपने हाथों से लिखा है और उसे अब सदन में पढ़ रहे हैं। इस दौरान मंत्री चौधरी ने बताया कि, छत्तीसगढ़ का प्रति व्यक्ति आय 10 हजार से बढक़र डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है। ओपी चौधरी इस बार GATI थीम पर बजट पेश कर रहे हैं। गति मतलब G का अर्थ गुड गवर्नेंस, अर्थ एक्सलेरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, T का अर्थ टेक्नोलॉजी और I का मतलब इंडस्ट्रियल ग्रोथ से है। इसके पहले चौधरी ने GYAN थीम पर बजट पेश किया था।ओपी चौधरी ने कहा कि रायपुर में IIM, AIIMS, NIT, IIIT रायपुर में एक भी राष्ट्रीय स्तर का संस्थान नहीं था, आज रायपुर में आईआईएम भी है। एम्स भी है, एनआईटी भी है। ट्रिपल आईटी भी है। प्लास्टिक इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट भी है और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भी है। वहीं छत्तीसगढ़ में सरकार अब सडक़ों के निर्माण पर फोकस कर रही है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना रखा है। इस योजना के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। अच्छी सडक़ों की वजह से प्रदेश में होने वाले औद्योगिक उत्पादन की ढुलाई में आसानी होगी। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले केवल 4 विश्वविद्यालय थे, लेकिन अब हमने उन्हें बढ़ाकर 25 कर दिया है। इस कदम को लेकर मंत्री ने कहा कि इससे राज्य में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और युवाओं को शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक और अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में डीएमएफ फंड से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 250 करोड़ रुपये आएगी। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और क्षेत्र के छात्रों को मेडिकल शिक्षा में मौके देने के लिए महत्वपूर्ण है। दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज बनने से न सिर्फ स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर भी ऊंचा होगा। साल 2025 के इस बजट में वित्तमंत्री चौधरी ने सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए सौगाते दी है। जिससे राज्य की जनता को राहत और समृद्धि की उम्मीद है।




























