जनता के आगे टोपी उतार कर उमर अब्दुला ने मांगे वोट, भाजपा पर जमकर बोला हमला

श्रीनगर। नेशनल कान्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला बुधवार को गांदरबल में जनसभा में बोलते हुए भावुक हो गए। उन्होंने जनता से मतदान की अपील करते हुए न सिर्फ अपने हाथ जोड़े, बल्कि इज्जत का वास्ता देते हुए अपनी टोपी भी उतारी। कहा, ‘मैं आपसे वोट मांग रहा हूं, बस मुझे सेवा का एक मौका दो।’ भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि कश्मीर में बड़ी संख्या में चुनाव लड़ रहे निर्दलीयों को भाजपा ने ही मैदान में उतारा है, वह उनके सहारे सरकार बनाना चाहती है। उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को गांदरबल विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र जमा किया है। इसके बाद जनसभा में उमर ने कहा कि मैं आज अपनी टोपी उतार कर, अपने सिर का यह दस्तार उतारकर, हाथ जोड़कर आपसे वोट मांगता हूं। अगर हम मिलकर चलें, एक-दूसरे का साथ दें तो हम कामयाब होंगे।
भाजपा पर साधा निशाना
गांदरबल से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे उमर को पीडीपी के बशीर मीर और पूर्व विधायक शेख इश्फाक जब्बार से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा यहां हर हाल में सत्ता में आना चाहती है। कश्मीर में बड़ी संख्या में निर्दलीयों का उतरना भाजपा का एक षड्यंत्र हैं।
उमर के पास न घर, न कार, कुल 55 लाख की संपत्ति
नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे के अनुसार, उमर अब्दुल्ला के पास न अपना घर है और न ही किसी प्रकार की भूमि व खेत खलिहान। उनके पास कार भी नहीं है। गहने व बैंक में जमा राशि मिलाकर कुल 55 लाख की चल-अचल संपत्ति है। यह 2014 में दिखाई गई संपत्ति से करीब 15 प्रतिशत कम है। उनके बच्चों के नाम से भी कोई घर या संपत्ति नहीं है। वह अपनी पत्नी से अलग रह रहे हैं और दोनों के बीच तलाक को लेकर अदालत में कानूनी लड़ाई चल रही है।

RO No. 13467/9