जनपद पंचायत अकलतरा में अधिकारी की मनमर्जी

जांजगीर चांपा। अकलतरा जनपद पंचायत में अधिकारी से लेकर कर्मचारियों के दफ्तर पहुंचने का कोई समय तय नहीं है। सरकारी दफ्तरों में पांच दिन वर्किंग सिस्टम लागू करते हुए अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक पहुंचने का नियम बनाया गया है लेकिन इस नियम का जनपद पंचायत में कोई पालन नहीं हो रहा। इसकी एक वजह खुद यहां के अधिकारी का समय पर नहीं पहुंचना है। जनपद सीईओ खुद समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते। कर्मचारी इसके लिए रटा रटाया जवाब देते हैं कि साहब फील्ड में गए हैं।
आफिस समय पर भी इस तरह कुर्सियां खाली रहती है। जिसके चलते अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मनमर्जी करते हुए अपने समय पर आते-जाते हैं। जनपद पंचायत अकलतरा में पूरे क्षेत्रभर से सरपंच सचिव और ग्रामीण अपने काम को लेकर पहुंचते हैं लेकिन आफिस में समय पर जिम्मेदार संबंधित अधिकारी कभी नहीं मिलते हैं जिससे दूर दराज गांवों से बरसात में आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सोमवार को 11 तक अधिकतर अधिकारियों कर्मचारियों कार्यालय नहीं पहुंचे थे, और यह पहली बार नही हमेशा कार्यालय आने का समय ऐसा ही होता है जबकि कार्यालय सुबह 10 खुल जाता है परंतु यहां जिम्मेदार लोग समय पर नहीं पहुंचते जिसके कारण लोगों का काम समय पर नहीं होता । इतना ही नहीं बल्कि समय से पूर्व घर जाने के लिए उक्त सभी अधिकारियों कर्मचारियों कार्यालय से निकाल जाते हैं जिसके कारण पर्याप्त समय तक काम नहीं कर करते और लोगों का काम नहीं होता। वैसे भी अकलतरा जनपद में जिस अधिकारी को पदस्थ किया है वह पूरी तरह से लापरवाह एवं बदतमीज है जिनके व्यवहार से खुद जनपद पंचायत के अंतर्गत कार्य करते सरपंच एवं सचिव लोग भारी परेशान रहते हैं जो लोगों से अबव्यवहारिक बात करते हुए विवादों को जन्म देते रहते हैं जिसके कारण कई बार वह मार खाते-खाते बच गए हैं। जिनका अधिकतर समय कार्यालय के बहर अपने रूम में गुजरता है कार्यालय में पर्याप्त समय नहीं दीवाने के कारण लोगों को कार्य करने के लिए भटकनापड़ता है।

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