
जांजगीर चांपा। चांपा रोड जांजगीर में खोखसा आरओबी के नीचे नहर पार को एक उद्योगपति द्वारा कब्जा करने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है। इसकी शिकायतकर्ता ने बताया कि वह आर पार की लड़ाने लडऩे के लिए बाध्य हो रहा है। क्योंकि उक्त भूमि को तत्कालीन एसडीएम ने कुर्क करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन मामले की फाइल एसडीएम आफिस में दबी है। जिसके चलते उक्त उद्योगपति के हौसले बुलंद है।
वहीं जिला प्रशासन भी बेबस है। क्योंकि उक्त अतिक्रमणकारी अकलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक का भाई है। जिसके चलते मामले की फाइल दबी हुई है। वहीं नव पदस्थ एसडीएम भी इस मामले से अनजान हैं। गौरतलब है कि खोखसा माइनर नहर आरओबी के नीचे नहर के गुजरी है। आरोप है कि यहां पर उद्योगपति गणेश साहू नाम के व्यक्ति ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर बिजली पोल बनाने का कारखाना संचालित कर रहा है। उक्त भूमि विवादित है और इस मामले में चार साल पहले शहर के केवीसी एजेंसी के संचालक राजेश अग्रवाल ने तहसील आफिस में कोर्ट क्लेम करते हुए उक्त जमीन को अपना बताया था और इसका मुआवजा भी तकरीबन 22 लाख रुपए उसे पाना था, लेकिन गणेश साहू ने उक्त भूमि को खुद बताकर खुद मुआवजा ले लिया और राजेश अग्रवाल को कुछ नहीं मिला। जिसे देखते हुए राजेश अग्रवाल ने केस दर्ज कराई थी। लेकिन मामले की फाइल अब तक एसडीएम आफिस में दबी हुई है। जिसके चलते पीडि़तों को न्याय नहीं मिल रहा है।
2 एकड़ जमीन पर कब्जा
शिकायतकर्ता राजेश अग्रवाल का आरोप है कि यहां पर सीमेंट का बिजली पोल बनाने वाले उद्योगपति गणेश साहू के पास 75 डिसमिल जमीन के कागजात है लेकिन वह दो एकड़ में कब्जा कर सीमेंट के बिजली पोल बनाने का उद्योग संचालित कर रहा है। लेकिन इनकी जमीन की नापजोख करने वाला कोई नहीं है। उक्त शासकीय जमीन पर कब्जा करने वाला कांग्रेस नेता का करीबी होने के चलते जिला प्रशासन भी इस कब्जाधारी को बेदखल नहीं कर पा रहा है। दुखद यह है कि नहर के पार में कब्जा होने से किसानों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उसने नहर के मुहाने में ही कब्जा कर रखा है।
तीन साल पहले वहां से अतिक्रमण हटाने मैं खुद गई थी। इसके बाद वह फिर से उक्त भूमि में अवैध तरीके से कब्जा किया है तो मौके पर पटवारी को भेजकर प्रतिवेदन मगाऊंगी और गलत पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

























