जलापूर्ति बंद किये जाने से ग्रामीणों की बिगड़ी दिनचर्या

मुख्य मार्ग पर किया चक्काजाम लगी वाहनों की लंबी कतार
कोरबा। जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र के खनन प्रभावित बांकी बस्ती मड़वाढोढ़ा व पुरैना गांव में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा जलापूर्ति बंद किये जाने से नाराज ग्रामीणों ने आज माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में पंखादफाई से बांकीमोंगरा जाने वाले मुख्य मार्ग पर बांकी बस्ती के निकट चक्काजाम कर दिया जिससे सडक़ के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई है।
चक्काजाम करने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला खदान के कारण खनन प्रभावित गांवों में जल स्तर काफी गिर चुका है और अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत एसईसीएल प्रबंधन, पीने, निस्तारी और सिंचाई के लिए पानी का प्रबंध करते आया है लेकिन बांकी खदान बंद होने के बाद अब एसईसीएल द्वारा बांकी बस्ती, पुरैना व मड़वाढोढ़ा गांव में जलापूर्ति बंद कर दी गई है जिससे उनकी न दिनचर्या गड़बड़ा गई है बल्कि खेती-किसानी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस संबंध में एसईसीएल प्रबंधन को अवगत कराते हुए उनके समक्ष 22 फरवरी तक जलापूर्ति को पूर्व की भांति शुरू किये जाने की मांग की गई थी और चेतावनी दी गई थी कि गांव में जलापूर्ति यदि शुरू नहीं की गई तो वे चक्काजाम करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों की चेतावनी के बावजूद समस्या के समाधान के प्रति एसईसीएल प्रबंधन गंभीर नहीं हुआ। आज सुबह पूर्व चेतावनी के तहत ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुए और मुख्य मार्ग पर धरना देकर चक्काजाम शुरू कर दिया। ग्रामीणों द्वारा किये गए चक्काजाम की वजह से मार्ग के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई है बावजूद इसे समाप्त कराने अब तक न तो प्रशासन की टीम पहुंची है और न ही एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारी। फलस्वरूप चक्काजाम जारी है।

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