जांजगीर और चांपा में भाजपा तो अकलतरा में कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने

जांजगीर चांपा। नगर पालिकाओं के उपाध्यक्ष का चुनाव रविवार को सम्पन्न हुआ। जिले 3 नगर पालिका में से 2 में भाजपा के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। वहीं नगर पालिका में कांग्रेस ने कुर्सी पर कब्जा किया। भाजपा के मोहन यादव जांजगीर नैला में तो अमरजीत सिंह खटकर चाम्पा में उपाध्यक्ष चुने गए। अकलतरा में कोस के दिवाकर राणा ने जीत दर्ज की।
जिले के जांजगीर नैला, चाम्मा और अकलतरा नगर पालिका में रविवार 9 मार्च को अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ। नवनिर्वाचित पार्षदों ने मतदान कर उपाध्यक्ष की कुर्सी का फैसला किया। पार्षदों की संख्या के आधार पर भाजपा की स्थिति मजबूत नजर आ रही थी। लेकिन अकलतरा में क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। नगर पालिका जांजगीर नैला में उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा के मोहन यादव और कांग्रेस के विष्णु यादव के बीच मुकाबला हुआ। पालिका अध्यक्ष चित्ररेखा गढ़वाल और 25 वार्ड के पार्षदों ने मतदान किया। मोहन यादव को 16 वोट मिले, वहीं विष्णु यादव 9 वोट ही हासिल कर पाए। यहां 1 वोट रिजेक्ट भी हुआ। इस तरह भाजपा के मोहन यादव उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इधर नगर पालिका परिषद चाम्पा में भाजपा के अमरजीत सिंह खटकर और कांग्रेस के दुर्गा प्रसाद कुरें के बीच उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए मुकाबला हुआ।
अमरजीत ने 16 मत्त प्राप्त प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि दुर्गा प्रसाद 11 वोट ही जुटा सके। अकलतरा नगर पालिका में कॉस वोटिंग के कारण भाजपा के उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा। यहां कांग्रेस की ओर से दिवाकर सिंह राणा तो भाजपा की ओर से मुरलीधर मिश्रा मैदान में थे। मुरलीधर मिश्रा के पक्ष में 8 तो दिवाकर सिंह राणा के पक्ष में 13 बोट आए। इस तरह दिवाकर सिंह राणा लगातार दूसरी बार उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। जीत के बाद सभी जगह विजेताओं के समर्थकों ने जश्न मनाया।
अकलतरा में भाजपा की क्रॉस वोटिंग
नगर पालिका परिषद अकलतरा में नगर पालिका उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन में कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी बनाए गए दिवाकर सिंह राणा ने 13 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। भाजपा के प्रत्याशी मुरलीधर मिश्रा 8 वोट ही प्राप्त कर सके। इस तरह दिवाकर राणा दूसरी बार नगर पालिका उपाध्यक्ष बने। अकलतरा समर पालिका के 20 वाडों में से 12 पार्षद भारतीय जनता पार्टी के तो 6 पार्षद कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित हुए हैं। वहीं 2 वाहों पर निर्दलीय प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई है। भाजपा के 12 पार्षद होने पर ऐसा माना जा रहा था कि नगर पालिका उपाध्यक्ष पद पर भाजपा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है लेकिन कांग्रेस के प्रत्यासी दिवाकर सिंह राणा ने 8 के मुकाबले 13 मत प्राप्त कर अप्रत्याशित जीत दर्ज की। माना जा रहा है कि विधायक राघवेद कुमार सिंह के रणनीतिक कौशल के चलते नगर काग्रेस पार्टी के पास अल्पमत होने के बावजूद नगर पालिका उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस दिवाकर सिंह राण की जीत सुनिश्चित हुई है। बार पालिका उपाध्यक्ष पद पर दिवाकर सिंह राणा की जीत के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा आतिशबाजी रंग गुलाल एवं मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया गया एवं नगर में विजय रैली निकाली गई। नगर पालिका उपाध्यक्ष पद पर दीवाकर सिंह राणा भी यह दूसरी जीत है। इससे पूर्व 2019 में भी दीवावकर सिंह राणा को काग्रेस पार्टी की और से उपाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया था। उस वक्त कांग्रेस के 8 पार्षद एवं 3 निर्दलीय पार्षदों के मत के चलते अपने प्रतिद्वंद्वी को 11-10 से पराजित कर पहली बार नगर पालिका उपाध्यक्ष बने है।

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