जावलपुर नैला मार्ग की बदहाली से नाराज लेगों ने 6 घंटे तक किया चक्काजाम

जांजगीर-चांपा। बद से बदतर हो चुके बलौदा-जांजगीर मुख्य मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर कलेक्टोरेट का चक्कर लगाते थक चुके जावलपुर क्षेत्रवासियों के सब्र का बांध तब टूट गया, जब दिए गए तीन दिनों के अल्टीमेटम के बाद भी प्रशासन की कुंभकर्णीय निद्रा नहीं टूटी। ऐसे आक्रोशित ग्रामीण सडक़ पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। इस दौरान समझाईश देने पुलिस के साथ प्रशासनिक अमला पहुंचा, लेकिन सुबह से शाम हो गई और बात नहीं बनी। बाद में देर शाम आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
शुक्रवार 8 अक्टूबर को पंचायत प्रतिनिधियों की अगुवाई में जावलपुर गांव सहित आसपास के लोग एकजुट होकर पहुंचे और मांगों को लेकर दोपहर करीब 12 बजे से बलौदा-जांजगीर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। वे सडक पर दरी बिछाकर बैठ स दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। आक्रोशित का कहना था कि बलौदा से नैला तक 11 गांवों के लोग बाल सडक की समस्या से जूझ रहे है। इस मार्ग पर भारी वाहनों
के चलने से बद से बद्तर हो गई है सडक़े। आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कलेक्टर कार्यालय जांजगीर में कई बार ज्ञापन सौंपा, लेकिन उनकी गुहार प्रशासन ने नहीं सुनी। तीन दिन पहले ग्रामीणों ने इस समस्या के निराकरण को लेकर फिर से ज्ञापन सौंपा था और तीन दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में उन्होंने सडक़ पर उतरकर आंदोलन करते हुए आवागमन अवरूद्ध कर दिया। चक्काजाम होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाईश देते हुए चक्काजाम समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन के अडिय़ल रवैये से क्षुब्ध ग्रामीण सडक पर बैठे रहे। शाम करीब 6 बजे तक उनका आंदोलन जारी रहा। ऐसे में प्रशासन की ओर से तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा करके इस दिशा में शीघ्र उचित पहल करने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ और सडक़ पर बैठे ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया। इधर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक चक्काजाम होने। पर सडक़ क के दोनों ओर छोटे बड़े वाहनों के लंबी कतारें लग गई और इस दौरान राहगीरों को बेवजह परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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