
कोरबा । कोरबा जिलान्तर्गत 2 निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन सडक़ का निर्माण अगले साल जून से सितंबर के बीच पूरा हो जाने की उम्मीद जताई जा रही हैं। कोरबा जिले से चांपा जिले तक की सडक़ अगले साल जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि ग्राम उरगा से बिलासपुर शहर तक निर्माणाधीन राजमार्ग के पूर्ण हो जाने की उम्मीद सितंबर तक जताई जा रही हैं। कोरबा जिले से चांपा जिले तक 38.2 किमी फोरलेन सडक़ का निर्माण चल रहा है, जबकि भारतमाला प्रोजेक्ट कोरबा जिले से चांपा जिले तक 70.2 किमी की सडक़ का काम भी तेजी से चल रहा है। जानकारी के अनुसार उरगा से बिलासपुर तक 70.2 किमी में से 30 किमी तक का कार्य पूरा कर लिया गया हैं।
कोरबा जिले से चांपा जिले तक का भी लगभग आधा निर्माणकार्य हो चुका हैं। दोनों ही सडक़ कोरबा जिले की प्रमुख सडक़ है। कार्यपूर्ण हो जाने के बाद जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर को जोडऩे वाली सडक़ के बनने से चांपा पहुंचने में 40 मिनट और बिलासपुर पहुंचने में महज एक घंटा का समय लगेगा। कोरबा-चांपा तक फोरलेन सडक़ का निर्माण 999 करोड़ में हो रहा है। बारिश के चलते सडक़ निर्माण कार्य धीमा हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून सीजन के बाद तेजी से काम होगा। पूरी उम्मीद जताई जा रही हैं कि अगले साल मई-जून तक हाईवे पूरा तैयार हो जाएगा। पांच साल पहले जिले में आधा दर्जन फोरलेन सडक़ों के लिए एनएचएआई ने सर्वे किया था। इसमें कटघोरा से बिलासपुर लगभग बन चुकी है। कटघोरा से अंबिकापुर पूरा होने के करीब है। कटघोरा से अंबिकापुर तक की सडक़ दो पार्ट में स्वीकृत की गई थी। पहला पार्ट कटघोरा से शिवनगर पहले ही पूरा हो चुका है। शिवनगर से अंबिकापुर के बीच कुछ अंडरपास का काम रूका हुआ है। केंद्रीय सडक़ एवं परिवहन मंत्री ने लोकसभा में बताया है कि यह सडक़ दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। उरगा से बिलासपुर तक की भारतमाला सडक़ परियोजना की कुल लागत 1745 करोड़ के करीब है। 70.2 किमी लंबी इस सडक़ के लिए 506.56 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इस सडक़ पर 13 ब्रिज का निर्माण चल रहा है। यह सडक़ उरगा से चांपा मार्ग पर कोरबा से जुड़ेगी, जो कि नहर के ऊपर से होकर गुजरेगी।
























