जो बाइडन पर राहुल गांधी की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण, विदेश मंत्रालय ने कहा- मित्रता वाले रिश्ते में नहीं चलते ऐसे बयान

नईदिल्ली, ३० नवंबर ।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को विदेश मंत्रालय ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। राहुल गांधी ने कहा था कि बाइडन की तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी स्मृति लोप हो गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत और अमेरिका के बीच बहुआयामी सहयोग है और इसे करने में वर्षों लगे हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि दोनों पक्ष परस्पर सम्मान और संकल्पों को बनाए रखें। इस तरह की टिप्पणियां गर्मजोशी और मित्रता वाले रिश्तों में नहीं चलती हैं। अत: विपक्ष के नेता की राष्ट्रपति बाइडन का उल्लेख करते हुए की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक प्रश्न के उत्तर में प्रवक्ता ने कहा, चीन के साथ हुए समझौते के अनुसार वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की गश्त और स्थिति को सामान्य बनाने के अन्य प्रयास चल रहे हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त के संबंध में जायसवाल ने कहा कि यह प्रगति पर है। हमने पहले भी कहा है कि हम इस पर काम कर रहे हैं। इससे पहले भारत और चीन के सशस्त्र बलों ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों में हर हफ्ते एक समन्वित गश्त करने पर सहमति व्यक्त की थी और वहां गश्त का एक दौर पहले ही पूरा कर लिया है।दोनों पक्षों ने देपसांग और डेमचोक में हर हफ्ते एक-एक गश्त करने पर सहमति जताई है।
रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया कि प्रत्येक क्षेत्र में एक गश्त भारतीय सैनिकों द्वारा की जाएगी और एक गश्त चीनी सैनिकों द्वारा की जाएगी।भारत और चीन राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तरों पर कई दौर की बातचीत के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ पूर्वी लद्दाख में देपसांग और डेमचोक से पीछे हटने के समझौते पर पहुंचे। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं।भारत और अमेरिका के बीच बहुआयामी साझेदारी है और यह साझेदारी दोनों पक्षों की वर्षों की दृढ़ता, एकजुटता, आपसी सम्मान और प्रतिबद्धता के आधार पर बनी है। हम ऐसी रिपोर्टों को दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं और ये अमेरिका के साथ मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंधों के अनुरूप नहीं हैं। यह भारत सरकार की स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय।

RO No. 13467/11