नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी। इस बार बजट से वेतनभोगी वर्ग को काफी उम्मीद हैं। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी सरकार टैक्स छूट से लेकर टैक्स स्लैब में बदलाव का तोहफा दे सकती है। साथ ही कटौती और टैक्सेशन प्रक्रिया को आसान बनाने पर ध्यान दिया जा सकता है। टैक्सपेयर्स कम आयकर रेट्स की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बजट में टैक्स छूट से लेकल इक्विटी निवेश को बढ़ावा देने की उम्मीद है, जिससे आमदनी में बढ़ोतरी होगी। टैक्स स्लैब रेट्स में बदलाव की उम्मीद है, जिससे मध्यम इनकम वाले व्यक्तियों के लिए टैक्स का भार कम होगा। नई टैक्स व्यवस्था में अधिकतम अधिभार दरें 25 प्रतिशत तय की गई है, जो पिछले टैक्स स्ट्रक्चर से 37 प्रतिशत कम है। नई टैक्स व्यवस्था में प्रदान किए गए लाभों को पुराने टैक्स व्यवस्था में शामिल किए जाने की संभावना है। उम्मीद है कि सरकार आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कटौती सीमा को बढ़ा सकती है। वित्त वर्ष 2014-15 से 1.50 हजार रुपये पर बनी है। इस बार बजट में दो लाख रुपये तक हो सकती है। इससे मध्यम आय वालों को राहत मिलेगी।