
वाशिंगटन, २६ अक्टूबर । पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सांसद माइक जॉनसन को बुधवार को अमेरिकी संसद का स्पीकर चुना गया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 11 मतों से मात दी। इसके साथ ही अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधिसभा के स्पीकर के चयन को लेकर करीब 20 दिनों से चली आ रही ऊहापोह खत्म हो गई। जॉनसन ने शपथ भी ग्रहण कर ली। उन्होंने अमेरिका वासियों से कहा कि हमारा लक्ष्य आपकी बेहतर सेवा करना और इस सदन में लोगों का विश्वास बहाल करना है। प्रतिनिधिसभा में लुइसियाना का प्रतिनिधित्व करने वाले 51 वर्षीय जॉनसन को रिपब्लिकन पार्टी का भारी समर्थन मिला। जॉनसन को कुल 220 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी हकीम जेफ्रीज को 209 मत हासिल हुए। प्रतिनिधिसभा में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों की संख्या 221 और डेमोक्रेट के सदस्यों की संख्या 212 सदस्य हैं। जॉनसन को जीत की बधाई देते हुए पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई कि वह एक शानदार स्पीकर होंगे। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जॉनसन के बारे में कोई नकारात्मक बातें नहीं सुनी हैं। वे सभी को प्रिय हैं।बता दें कि 2016 में पहली बार चुने गए जॉनसन दशकों में सबसे कम अनुभवी हाउस स्पीकर होंगे। उन्हें 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद 126 हाउस रिपब्लिकन द्वारा उन राज्यों में चुनाव परिणामों को पलटने के लिए सुप्रीम कोर्ट से असफल अपील के लेखक के रूप में जाना जाता है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के नए रिपब्लिकन स्पीकर ने बुधवार को सांसदों से कहा कि सदन का नेतृत्व करते हुए उनका पहला कार्य हमास आतंकवादियों के साथ संघर्ष में इजरायल का समर्थन करने वाला एक प्रस्ताव पेश करना होगा। लुइसियाना के कांग्रेसी माइक जॉनसन ने अपनी स्वीकृति में कहा, पहला बिल जो मैं थोड़ी देर में इस मंजिल पर लाने जा रहा हूं, वह हमारे प्रिय मित्र इजरायल के समर्थन में होगा और हमें इसे पूरा करने में देरी हो गई है। भाषण में चेतावनी दी गई कि अमेरिका के मध्य पूर्व में सबसे बड़े सहयोगी पर हमला हो रहा है।



















